NHAI से चर्चा के बाद इंदौर बायपास के दोनों ब्रिज निर्माण को नई गति, जनवरी 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश
इंदौर।
इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन दो महत्वपूर्ण ब्रिज—अर्जुन–बड़ौदा ब्रिज और बेस्ट प्राइस के सामने बन रहा ब्रिज—के काम को अब तेज रफ्तार मिल चुकी है। जल संसाधन मंत्री और सांवेर क्षेत्र के विधायक तुलसीराम सिलावट ने शनिवार को दोनों निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनवरी 2026 के अंत तक हर हाल में दोनों ब्रिजों का निर्माण पूरा होना चाहिए, क्योंकि ये दोनों संरचनाएँ बायपास के बढ़ते यातायात को सुचारु रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
अर्जुन–बड़ौदा ब्रिज निर्माण को 24 घंटे कार्य का निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री सिलावट ने सबसे पहले अर्जुन–बड़ौदा ब्रिज की वर्तमान स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी और NHAI अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम की रफ्तार बढ़ाई जाए।
इसके लिए उन्होंने 24×7 शिफ्ट में कार्य करवाने, अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती, मशीनों की संख्या बढ़ाने और कार्य स्थल पर तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
डायवर्जन मार्ग को बेहतर बनाने पर विशेष जोर
सिलावट ने कहा कि ब्रिज निर्माण के कारण यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसलिए उन्होंने निम्न निर्देश दिए—
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डायवर्जन मार्गों की सड़क मरम्मत तत्काल पूरी की जाए
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रात में दृश्यता बढ़ाने हेतु पर्याप्त लाइटिंग की जाए
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दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाए जाएँ
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ट्रैफिक पुलिस और NHAI मिलकर सुव्यवस्थित ट्रैफिक मैनेजमेंट सुनिश्चित करें
उन्होंने साफ कहा कि यात्रा कर रहे वाहन चालकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बेस्ट प्राइस के सामने बन रहा ब्रिज भी जनवरी तक तैयार करने की तैयारी
अर्जुन–बड़ौदा ब्रिज के बाद सिलावट बेस्ट प्राइस के सामने तैयार हो रहे ब्रिज के निरीक्षण के लिए पहुँचे।
उन्होंने यहाँ भी अधिकारियों से काम की प्रगति जानी और निर्देश दिया कि यह ब्रिज भी उतना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए दोनों परियोजनाओं की समयसीमा समान रूप से निर्धारित कर बनाई जाए।
NHAI के अधिकारियों से मोबाइल पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान उन्होंने फोन पर NHAI के रीजनल अधिकारी श्रवण कुमार सिंह से बात कर निर्माण की समयसीमा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि—
“दोनों ब्रिज इंदौर बायपास के यातायात प्रवाह के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यदि इन्हें समय पर पूरा किया जाता है तो लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी। इसलिए NHAI निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न होने दे।”
दोनों ब्रिजों के समय पर निर्माण से यातायात को मिलेगी राहत
बायपास पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और भारी ट्रैफिक दबाव के कारण कई बार लंबा जाम लग जाता है। इन ब्रिजों का समय पर निर्माण होने से—
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भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी
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स्थानीय नागरिकों व उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
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व्यापारिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी
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दुर्घटनाओं की संभावनाएँ कम होंगी
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शहर के भीतर अनावश्यक ट्रैफिक का भार घटेगा
सिलावट ने कहा कि ये दोनों ब्रिज क्षेत्र के विकास की रीढ़ साबित होंगे और इनके बन जाने से बायपास पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारु हो सकेगी।
प्रशासन और निर्माण एजेंसियों को मिलकर करना होगा काम
मंत्री ने निर्माण एजेंसियों, NHAI, स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को मिलकर कार्य करने की सलाह दी, ताकि समय पर निर्माण पूरा हो सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि—
“जनवरी 2026 के अंत तक दोनों ब्रिज आम जनता के लिए चालू होने चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण की गुणवत्ता भी उच्च स्तर की होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और हर बड़े प्रोजेक्ट की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
निष्कर्ष
इंदौर बायपास के दोनों प्रमुख ब्रिजों के निर्माण में तेज़ी आने के साथ यह उम्मीद बढ़ गई है कि जनवरी 2026 तक यातायात राहत देने वाली दोनों संरचनाएँ तैयार होंगी।
NHAI, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की संयुक्त कोशिशों से इस क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है, खासकर रोज़ाना आने-जाने वाले यात्रियों व व्यवसायियों को।

