जन कल्याण पार्टी: अबोल जीवों से लेकर आम नागरिक के अधिकारों की आवाज़—हार्दिक हुंडिया का बड़ा बयान
जन कल्याण पार्टी—सभी धर्मों और सभी जीवों के कल्याण की भावना से प्रेरित राजनीतिक संगठन
जैन मुनि नीलेश चंद्र जी की प्रेरणा से स्थापित जन कल्याण पार्टी आज न केवल जैन समाज के हितों की बात कर रही है, बल्कि देश के अबोल जीवों (बेजुबान पशु-पक्षियों) से लेकर आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर भी आवाज़ बुलंद कर रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया का कहना है कि जन कल्याण पार्टी की मूल भावना किसी एक समुदाय या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि “जन जन का कल्याण” इसका प्राथमिक उद्देश्य है।
हार्दिक हुंडिया के अनुसार यह विश्व की पहली ऐसी राजनीतिक पार्टी है जो उन उम्मीदवारों का समर्थन करेगी, जो जनता और अबोल जीवों दोनों के लिए न्याय, सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ते आए हों। चाहे उम्मीदवार किसी भी दल—बीजेपी, कांग्रेस, शिवसेना, मनसे, राष्ट्रवादी या अन्य किसी पक्ष—से क्यों न हों, जन कल्याण पार्टी उनके हितों के साथ खड़ी दिखाई देगी, बशर्ते वे समाज और जीवों के प्रति संवेदनशील हों।
“हम राजनीति में लड़ाई के लिए नहीं, सुशासन के लिए आए हैं”—हार्दिक हुंडिया
हार्दिक हुंडिया कहते हैं कि राजनीति में आज सबसे बड़ी कमी सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना की है।
उन्होंने कहा—
“सभी दलों के नेता आपस में मिल-जुलकर रहते हैं, तो फिर जनता को क्यों आपस में लड़ाया जाए? जन कल्याण पार्टी राजनीति में दुश्मनी नहीं, बल्कि सुशासन की संस्कृति स्थापित करने आई है।”
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, वे भले किसी राजनीतिक दल से आते हों, लेकिन नेतृत्व की कुर्सी पर पहुंचने के बाद वे पूरे देश और राज्य की जनता के नेता बन जाते हैं।
इसीलिए, हर चुनाव में हमें ऐसे नेताओं को चुनना चाहिए जो केवल अपने लिए सुविधा न मांगें, बल्कि जनता के लिए भी वही सुविधाएँ सुनिश्चित करें।
धर्म, समाज और पत्रकारिता—30 वर्षों की यात्रा और संघर्ष
हार्दिक हुंडिया ने अपने बयान में यह भी कहा कि वे लगभग 30 वर्षों से पत्रकारिता में हैं और हमेशा धर्म, समाज तथा व्यापार को नुकसान पहुँचाने वाले काले कारनामों को उजागर करते आए हैं।
उन्होंने कहा—
“मैं स्वयं जैन हूं, इसलिए जब किसी व्यक्ति द्वारा जैन धर्म के नाम पर अधर्म होता है, तो उसे उजागर करना मेरा फर्ज़ है। मैंने समाज को सावधान करने के लिए कई समाचार प्रकाशित किए, लेकिन उन लोगों ने मेरे खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करवा दी—वह भी जैन संतों द्वारा।”
हार्दिक हुंडिया का कहना है कि जब भी उन्होंने धर्म को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों को उजागर किया, समाज जागृत हुआ। परंतु न्याय की अपेक्षा रखते हुए भी उन्हें कई बार अन्याय का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा—
“पत्रकारिता में मेरा उद्देश्य हमेशा स्पष्ट रहा है—सत्य बोलना और समाज को जागृत करना। राजनीति में आने का मेरा मकसद भी यही है कि सत्ता मिलने के बाद गलत कार्यों को रोक सकूँ और न्याय व्यवस्था को मजबूत कर सकूँ।”
अबोल जीवों की रक्षा के लिए संघर्ष—नीलेश चंद्र जी और हार्दिक हुंडिया का संकल्प
जैन मुनि नीलेश चंद्र जी, जो कबूतरों और अबोल जीवों की सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते आए हैं, ने जब जन कल्याण पार्टी की घोषणा की, तब उन्होंने हार्दिक हुंडिया को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया।
हार्दिक इस सम्मान को अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ मानते हैं। उन्होंने कहा—
“जब संत निलेश चंद्र जी ने मुझे अध्यक्ष का ताज पहनाया, तब मुझे लगा कि अब राजनीति में आगे बढ़कर समाज, धर्म और जीवों के कल्याण के लिए नए रास्ते खोलने की ज़िम्मेदारी मेरी है।”
उन्होंने बताया कि जैन मुनि निलेश चंद्र जी ने कई बार धार्मिक स्थलों, कबूतरखानों और अन्य जीव संरक्षण स्थलों को बचाने के लिए कानूनी व सामाजिक लड़ाई लड़ी है।
जन कल्याण पार्टी उसी भावना का विस्तार है।
महाराष्ट्र के विकास में सभी समाजों का योगदान—एकता से ही प्रगति संभव
हार्दिक हुंडिया ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में जैन समाज और अन्य समुदायों ने मिलकर जब भी विकास का संकल्प लिया, उन्हें महाराष्ट्रीय भाइयों का भरपूर समर्थन मिला।
उन्होंने कहा—
“महाराष्ट्र की प्रगति में हम सभी का सामूहिक योगदान है। इसलिए राजनीति में जाति, समाज या धर्म के नाम पर विभाजन फैलाना गलत है। जन कल्याण पार्टी हर समाज को साथ लेकर सुशासन का मॉडल प्रस्तुत करेगी।”
जन कल्याण पार्टी का मूल लक्ष्य—नेता नहीं, कार्य और संवेदनशीलता देखें
हार्दिक हुंडिया ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी दल के विरोध में खड़ी नहीं होगी।
उनका लक्ष्य है—
-
ऐसे उम्मीदवारों को आगे लाना जो
✔ जनता के अधिकारों की रक्षा करें
✔ अबोल जीवों की सेवा को अपना कर्तव्य मानें
✔ सुशासन, सत्य और पारदर्शिता में विश्वास रखें
✔ धर्म के नाम पर अधर्म करने वालों का विरोध करें
उन्होंने कहा—
“राजनीति का उद्देश्य लड़ाई नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी व्यवस्था स्थापित करना है।”
निष्कर्ष
हार्दिक हुंडिया और जैन मुनि नीलेश चंद्र जी की प्रेरणा से शुरू हुई जन कल्याण पार्टी आज राजनीति में एक नई दिशा प्रस्तुत कर रही है—जहाँ मनुष्य के साथ-साथ अबोल जीवों के अधिकार और धर्म-संरक्षण भी केंद्र में हों।
यह पार्टी किसी भी दल के विरोध में नहीं, बल्कि सभी दलों की अच्छी नीतियों के साथ मिलकर सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है।
