इंदौर जैन समाज हर्षित: Dr. चारुल जैन को ग्लोबल समिट 2025 में IFERD एक्सीलेंस अवॉर्ड, इंदौर का गौरव बढ़ाया
इंदौर।
दिगंबर जैन समाज इंदौर आज अत्यंत हर्ष और गर्व से झूम उठा, जब शहर की प्रतिभाशाली बेटी डॉ. चारुल जैन को दिल्ली में आयोजित ग्लोबल समिट 2025 के दौरान IFERD Excellence Award से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें शैक्षणिक नेतृत्व (Academic Leadership) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया, जिसने न केवल उनके परिवार बल्कि समूचे इंदौर जैन समाज का मान बढ़ाया है।
डॉ. चारुल जैन, इंदौर जैन समाज के सम्माननीय वरिष्ठ सदस्य श्री डी.के. जैन (Retd. DSP) की सुपुत्री हैं। उनका बचपन से ही शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक सेवा की ओर विशेष झुकाव रहा है। अपनी लगन, प्रतिभा और मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई और आज उनका यह सम्मान युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
दिगंबर जैन समाज के लोकप्रिय धर्म–समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने डॉ. चारुल की इस उपलब्धि पर अपार हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि—
“चारुल जैन ने इंदौर और जैन समाज की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। यह सम्मान समाज की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और उनकी नेतृत्व क्षमताओं का प्रमाण है।”
इस उपलब्धि पर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ जनों, पदाधिकारियों और प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से—
डॉ. जैनेन्द्र जैन (वरिष्ठ समाजसेवी)
अमित कासलीवाल (अध्यक्ष, महावीर ट्रस्ट)
मनोहर झांझरी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, फेडरेशन)
टीके वेद, हंसमुख गांधी, नरेंद्र वेद, सुशील पांड्या, मयंक जैन तथा
फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल और रेखा जैन श्रीफल शामिल हैं।
सभी ने सर्वसम्मति से कहा कि डॉ. चारुल की सफलता जैन समाज की प्रगतिशील सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को भी नई प्रेरणा देगा।
इंदौर जैन समाज ने डी.के. जैन (Retd. DSP) और उनके पूरे परिवार को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए डॉ. चारुल जैन के उज्ज्वल, सफल और प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामनाएँ की हैं। समाज का कहना है कि चारुल जैन न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और जैन समाज की उच्च आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
उनकी इस सफलता ने यह सिद्ध किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हों और प्रयास निरंतर हों, तो युवा शक्ति अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती है।
ग्लोबल समिट में मिला यह सम्मान जैन समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
