भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से बीजेपी विधायक संजय पाठक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
‘सामंती’ और ‘ऐयाश’ कहकर लगाए आरोप
दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाठक अपने क्षेत्र में कानून और संविधान को मानने से इंकार करते हैं और उन्होंने उनकी शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जमीन कब्जाने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयराघवगढ़ के राजपरिवार की जमीन पर कब्जा करने के लिए संजय पाठक ने धमकाया। उनके दबाव के चलते परिवार के एक सदस्य को आत्महत्या करनी पड़ी। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि पाठक अवैध रेत खनन और जमीनों पर कब्जे में भी शामिल हैं।
“संजय पाठक के लिए न कोई कानून है, न कोई संविधान। वह खुद को कानून से ऊपर समझते हैं।” — दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद, कांग्रेस
242 करोड़ की संपत्ति पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने संजय पाठक की संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाठक ने अपने चुनावी हलफनामे में 242 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी और ED को इसकी गहन जांच करनी चाहिए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
संजय पाठक कभी कांग्रेस में थे और दिग्विजय सिंह की सरकार में मंत्री भी रहे। बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने ही पाठक को राजनीति में आगे बढ़ाया था, लेकिन वे अब उनके दिखाए रास्ते से भटक गए हैं।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं और भ्रम फैलाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए निराधार आरोप लगाते हैं।
इस आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश का सियासी पारा बढ़ गया है और आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

