नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वर्तमान में विदेशी गणमान्य मेहमानों को विपक्ष के नेता से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के समय यह परंपरा निभाई जाती थी। राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष के नेता का अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी मेहमानों से मिलने की इजाजत मिलनी चाहिए, लेकिन मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इस परंपरा का पालन नहीं कर रहे हैं।
इस पर बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा समर्थक कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की देश के प्रति भावनाएं संदिग्ध हैं और उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी बनने के लिए बीजेपी ज्वाइन कर लेनी चाहिए। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी को भी प्रधानमंत्री वाजपेयी जैसा सम्मान और भूमिका मिल सकती है, यदि वे बीजेपी में शामिल हों।

राहुल गांधी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि आमतौर पर विदेश से आने वाले मेहमान विपक्षी नेता से भी मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एलओपी (लीडर ऑफ द ऑपोजिशन) एक अलग दृष्टिकोण देता है और लोकतंत्र में यह जरूरी है कि विदेशी मेहमान विपक्ष के नेता से भी मिल सकें। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह अच्छी प्रथा है।
