नई दिल्ली / धार: देश को बाल विवाह जैसी कुप्रथा से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है। गुरुवार को दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह के साथ 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का आगाज किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने उपस्थित लोगों से बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई।
इस अभियान का उद्देश्य देश भर में बाल विवाह के खिलाफ एक मजबूत माहौल तैयार करना और इसके दुष्प्रभावों को रोकना है। सरकार का लक्ष्य जमीनी स्तर पर बदलाव लाना है ताकि बच्चियों का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके। अभियान के तहत बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से बचाने, बालिकाओं की शिक्षा और पोषण को बढ़ावा देने, मातृ मृत्यु दर घटाने और समाज में लैंगिक असमानता दूर करने जैसी महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश के धार जिले में भी अभियान की गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन के निर्देशन में 100 दिवसीय विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ‘हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन’ और 16 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन अभियान के तहत वन स्टॉप सेंटर धार ने विक्रम नगर आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को लिंग-आधारित हिंसा और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि महिला हिंसा अधिनियम 2005 के तहत महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क और महिला थाना शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। जिला विधिक सहायता प्राधिकरण पीड़ित महिलाओं को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पुलिस सहायता, आश्रय, आपातकालीन मदद, परामर्श, स्वास्थ्य सेवा और कानूनी सहायता जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे नंबरों की जानकारी भी साझा की गई।
