दमोह जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में एससी वर्ग के छात्रावासों के लिए करीब 46 लाख रुपये की खरीदी में अनियमितताएं सामने आई हैं। सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर डिप्टी कलेक्टर बृजेंद्र सिंह, तत्कालीन जिला संयोजक रिया जैन और लेखापाल महेंद्र अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने वास्तविक सामग्री की जगह नकली और घटिया सामान खरीदकर भेजा। एडीएम मीना मसराम के नेतृत्व में की गई विस्तृत जांच में यह भी सामने आया कि भुगतान प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और रिकॉर्ड में हेराफेरी हुई। जिन वस्तुओं के बिल विभाग को प्रस्तुत किए गए, उनमें कई छात्रावास तक पहुँची ही नहीं।
जाँच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि खरीदी प्रक्रिया डिप्टी कलेक्टर की निगरानी में हुई, जबकि जिला संयोजक और लेखापाल की जिम्मेदारी थी कि सत्यापन और प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें। लेखापाल ने भुगतान जारी किया, जबकि जिला संयोजक ने आवश्यक जांच नहीं की।
कलेक्टर ने सागर संभागायुक्त को रिपोर्ट भेजकर तीनों अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। इसके बाद सभी तीनों को निलंबित किया गया और विभागीय जांच जारी है। मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
- छात्रावासों के लिए 46 लाख रुपये की खरीदी में अनियमितताएं
- नकली और घटिया सामग्री की आपूर्ति
- भुगतान प्रक्रिया में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में हेराफेरी
- डिप्टी कलेक्टर, जिला संयोजक और लेखापाल निलंबित
- विभागीय जांच जारी, आगे कार्रवाई संभव
