भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को अतिरिक्त मुआवजा मिलने को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हो सकती है। भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा और अन्य संगठनों ने याचिका दायर कर गंभीर रूप से घायल पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पहले उन्हें अस्थायी विकलांगता या मामूली चोट के रूप में वर्गीकृत किया गया, जिससे वर्षों तक कम मुआवजा मिलता रहा।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकार को जवाब पेश करने का समय मांगा। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधरन और केंद्र सरकार की तरफ से अस्सिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल मोहन गुरु उपस्थित थे।

सुनवाई के दौरान एक अन्य मामला भी चर्चा में आया, जिसमें एक मां ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत की। हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक किशोरी को खोज कर न्यायालय में पेश किया जाए। दोनों मामले न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ितों की सुरक्षा के महत्व को दर्शाते हैं।
