Sidhi EOW Raid: सीधी में हाई स्कूल प्रिंसिपल के ठिकानों पर EOW की बड़ी छापेमारी, लग्जरी कारें, सोना–चांदी और बेहिसाब संपत्ति जब्त |
Sidhi EOW Action | RB Singh Raid News
सीधी से बड़ी खबर: करोड़ों की संपत्ति के शक में हाई स्कूल प्रिंसिपल पर EOW की कार्रवाई
मध्यप्रदेश के सीधी जिले से गुरुवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहां आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सरकारी हाई स्कूल खोखर में पदस्थ प्राचार्य आरबी सिंह के शहर और गांव दोनों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
EOW की यह कार्रवाई कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों पर की गई, जिसमें प्राचार्य पर सरकारी पद पर रहते हुए बेहिसाब संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया है।
गुरुवार की सुबह करीब 6 बजे EOW की टीम ने सीधी शहर स्थित आवास और मड़वास गांव के पैतृक घर पर दबिश दी। अचानक हुई इस संयुक्त कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
लग्जरी कारें, सोना–चांदी और करोड़ों के दस्तावेज बरामद
छापेमारी के शुरुआती चरण में ही टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खाते, जमीन के कागजात, भारी मात्रा में सोना–चांदी और एक से अधिक लग्जरी वाहन मिले।
प्राचार्य होने के बावजूद उनके पास पाई गई संपत्ति का आय स्रोत स्पष्ट न होने पर EOW ने इन्हें जब्ती सूची में दर्ज किया।
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार EOW को क्या मिला:
- कई लग्जरी चारपहिया वाहन
- सोने और चांदी के आभूषण
- एक से अधिक बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन
- जमीन और प्लॉट के रजिस्ट्री दस्तावेज
- बीमा, निवेश और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड
- इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और पेन ड्राइव
- स्कूल से जुड़े रिकॉर्ड और निजी दस्तावेज
EOW अधिकारियों का कहना है कि अभी संपत्ति के मूल्यांकन में समय लगेगा, लेकिन शुरुआती अनुमान करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।
कई टीमों ने मिलकर दी दबिश—प्राचार्य के ठिकानों को किया सील
EOW की टीम लगभग 25 से अधिक अधिकारियों के साथ पहुंची और घर का हर कमरा, अलमारी, लॉकर और वाहनों को बारीकी से जांचा गया।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने प्राचार्य के घर पर मौजूद लक्जरी लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे सामान भी जब्त किए हैं, जो उनकी ज्ञात आय से मेल नहीं खाते।
मड़वास गांव में स्थित घर से भी कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में हुई जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े बताए जा रहे हैं।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया:
“कई दस्तावेज इतने विस्तृत हैं कि पूरा रिकॉर्ड खंगालने में कई दिन लगेंगे। आय से अधिक संपत्ति का मामला प्रारंभिक जांच में मजबूत दिखाई दे रहा है।”
शहर में चर्चा—सरकारी वेतन में इतनी संपत्ति कैसे?
सीधी शहर में इस कार्रवाई ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है —
एक सरकारी हाई स्कूल प्राचार्य के पास इतनी लग्जरी कारें और भारी भरकम संपत्ति कहां से आई?
स्थानीय लोगों के अनुसार आरबी सिंह लंबे समय से स्कूल में पदस्थ थे और मड़वास-सीधी क्षेत्र में जमीन संबंधित कई गतिविधियों में भी सक्रिय देखे जाते थे।
इसी कारण उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में था।
EOW ने पिछले 6 महीनों में तेज की कार्रवाई
EOW पिछले कुछ महीनों से मध्यप्रदेश में लगातार सरकारी कर्मचारियों, इंजीनियरों, विभागीय अधिकारियों और दफ्तरों में बैठे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहा है।
सीधी की यह बड़ी कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
पिछले कुछ महीनों में:
- कई इंजीनियर
- पटवारी
- निगम अधिकारी
- स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी
- शिक्षा विभाग के कर्मचारी
सब पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी हो चुकी है।
आरबी सिंह का मामला इसलिए बड़ा हो गया है क्योंकि वे शिक्षा विभाग में एक महत्वपूर्ण पद पर थे और उनके पास से मिली संपत्ति का स्केल सामान्य तुलना में बेहद अधिक बताया जा रहा है।
छानबीन जारी—डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक खातों की गहन जांच
EOW ने प्राचार्य के घर से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल रिकॉर्ड, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क जब्त किए हैं।
अब इन्हें फॉरेंसिक टीमों को भेजकर जांच की जाएगी कि:
- कहां-कहां से पैसे प्राप्त हुए
- किसके खाते में कितने ट्रांजैक्शन हुए
- कौन से बैंक खातों में असामान्य जमा-निकासी हुई
- क्या जमीन खरीदने में किसी और का नाम शामिल है
- कहीं मनी-लॉन्ड्रिंग या बिचौलियों की भूमिका तो नहीं
अधिकारियों के अनुसार डिजिटल डेटा इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है।
शिक्षा विभाग में खलबली—आगे क्या हो सकता है?
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिले के अधिकारियों में भी हलचल है।
EOW द्वारा बरामद की गई संपत्ति का मूल्यांकन होने के बाद:
- मामला स्पेशल कोर्ट में जाएगा
- प्राचार्य आरबी सिंह से आय स्रोत का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा
- संतोषजनक जवाब न मिलने पर FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है
- स्कूल प्रशासन से भी रिकॉर्ड मांगा जा सकता है
- विभागीय जांच शुरू होने की संभावना है
आगे की कार्रवाई—EOW करेगी सम्पत्ति का मूल्यांकन
EOW जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें:
- प्राचार्य की कुल आय
- नौकरी अवधि में हासिल वेतन
- संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य
- बैंक ट्रांजैक्शन
- जमीन और निवेश का इतिहास
सब दर्ज किया जाएगा।
रिपोर्ट के बाद प्राचार्य पर धारा 13(1) बी और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
निष्कर्ष
सीधी में प्राचार्य आरबी सिंह के ठिकानों पर हुई यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के भीतर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर बड़ा सवाल उठाती है।
EOW की टीम ने जो संपत्ति जब्त की है, वह यह संकेत देती है कि जांच और भी गहरी हो सकती है।
आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
