स्नेह संस्था के संस्थापक लायन डॉ. पंकज मारू लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित, नागदा में हुआ भव्य सम्मान
नागदा।
बौद्धिक दिव्यांगजनों और उनके अभिभावकों के अधिकारों के लिए देशभर में कार्य कर रही स्नेह संस्था, नागदा के संस्थापक सदस्य और PMJF लायन डॉ. पंकज मारू को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें सर्वसम्मति से बौद्धिक दिव्यांगजनों के अभिभावक संघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। यह दूसरा अवसर है जब देशभर के अभिभावकों ने एकमत होकर उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और समर्पण पर भरोसा जताया है।
तीन वर्ष की इस नई जिम्मेदारी के लिए चुने जाने पर लायंस ऑफ नागदा के सदस्यों ने स्नेह संस्था परिसर में उनका अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण स्वागत किया। यह सम्मान समारोह न केवल संस्था के लिए गौरव का क्षण था, बल्कि नागदा शहर के सामाजिक इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ गया।
लायंस ऑफ नागदा ने किया भव्य स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में लायंस क्लब नागदा ग्रेटर के पूर्व अध्यक्ष लायन सतीश बजाज, लायन अशोक बिसानी, लायंस क्लब गोल्ड के अध्यक्ष लायन पी. डी. शुक्ला, लायन देव बाबरीवाल, लायंस क्लब नागदा के सचिव लायन सुनील त्रिवेदी, लायंस ऑफ नागदा के सक्रिय सदस्य एवं द्वितीय उपाध्यक्ष लायन राजेश इन्द्र, तथा पूर्व रीजन चेयरपर्सन लायन डॉ. हरीश तिवारी द्वारा डॉ. मारू को पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।
हर सदस्य ने इस उपलब्धि को नागदा और स्नेह संस्था के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि डॉ. मारू के नेतृत्व ने न केवल संस्था को, बल्कि दिव्यांगजन अधिकार आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा दी है।
31 राज्यों में फैला बौद्धिक दिव्यांगजन अभिभावक संघ
अपने संबोधन में लायन डॉ. पंकज मारू ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए गठित यह राष्ट्रीय संघ आज देश के 31 राज्यों में सक्रिय है।
इस संगठन के माध्यम से—
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बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा,
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पुनर्वास के आधुनिक मॉडल,
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स्कूली शिक्षा में समावेश,
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व्यावसायिक प्रशिक्षण,
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रोजगार उपलब्धता,
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स्वास्थ्य और थेरेपी सेवाओं का विस्तार
जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देशभर में संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि यह संघ राज्य और केंद्र सरकार के साथ सीधे समन्वय में काम करता है, जिससे दिव्यांगजन संबंधित योजनाएँ ज़मीन पर अधिक प्रभावी रूप से लागू हो पाती हैं।
1996 में हुई स्नेह संस्था की स्थापना—आज बन चुकी है राष्ट्रीय आदर्श मॉडल
डॉ. मारू ने स्मरण कराया कि स्नेह संस्था की स्थापना वर्ष 1996 में केवल 5 अभिभावकों के समूह से हुई थी।
समय के साथ—
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संस्था ने आधुनिक शिक्षा मॉडल विकसित किए,
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दिव्यांगजनों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान चलाए,
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माता–पिता को प्रशिक्षण और काउंसलिंग दी,
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समाज में समावेशी वातावरण तैयार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विविध कार्यक्रम किए।
आज स्नेह संस्था न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि देशभर में बौद्धिक दिव्यांगजन सेवाओं का एक उत्कृष्ट मॉडल मानी जाती है।
दिव्यांगजन मंत्रालय को दिलाई कई वैश्विक उपलब्धियाँ: लायन मारू का योगदान
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और सदस्यों ने बताया कि जिस दिन से लायन डॉ. पंकज मारू दिव्यांगजन मंत्रालय की विभिन्न राष्ट्रीय कमेटियों और नीति निर्माण प्रक्रियाओं में शामिल हुए हैं, तब से मंत्रालय ने कई विश्व-स्तरीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।
इन उपलब्धियों में—
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बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए देशव्यापी जागरूकता अभियान,
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पुनर्वास सेवाओं का विस्तार,
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नई तकनीक आधारित सेवा मॉडल,
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डिजिटलीकरण और डेटा बैंक निर्माण,
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रिकॉर्ड स्तर पर अभिभावक सहभागिता
जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
इन्हीं उपलब्धियों के कारण दिव्यांगजन मंत्रालय का नाम ग्रीनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ है। यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
अभिभावकों ने कहा—डॉ. मारू हैं हमारी आवाज़, हमारी ताकत
सभा में उपस्थित कई अभिभावकों ने भावुक शब्दों में कहा कि—
“डॉ. मारू ने पूरे देश के माता–पिता की पीड़ा, संघर्ष, उम्मीदें और सपनों को आवाज़ दी है। उन्होंने हजारों परिवारों के जीवन में नया आत्मविश्वास जगाया है।”
उनकी नीतियाँ और पहलें बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के शिक्षा, सुरक्षा, सामाजिक स्वीकृति और भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
तीन वर्षों की नई जिम्मेदारी—देशभर में होंगे बड़े बदलाव
राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में डॉ. पंकज मारू के अगले तीन वर्षों का विज़न—
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समावेशी शिक्षा का विस्तार
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ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांगजन सेवाओं तक पहुंच
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आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण
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माता–पिता के लिए डिजिटल सपोर्ट सिस्टम
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सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन
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राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग जनगणना मॉडल
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युवाओं के लिए रोजगार आधारित प्रशिक्षण
जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं पर आधारित है।
नागदा के लिए गौरव का क्षण
लायंस क्लब नागदा के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि—
“डॉ. मारू ने अपने कार्यों से नागदा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। यह उपलब्धि पूरे शहर के लिए सम्मान और प्रेरणा का स्रोत है।”
समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में संस्था प्रबंधकों ने अतिथियों को धन्यवाद दिया तथा स्नेह संस्था के दिव्यांग बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जिसने वातावरण को और अधिक भावुक व गरिमामय बना दिया।
निष्कर्ष
लायन डॉ. पंकज मारू का लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना न केवल उनके नेतृत्व की स्वीकृति है, बल्कि बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए चल रही राष्ट्रीय मुहिम की बड़ी उपलब्धि भी है। उनका समर्पण, सेवा और प्रतिबद्धता आने वाले वर्षों में देशभर के हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

