Mahaveer Nagar Vistar Yojna Jain Mandir Pravachan | Ganini Aryika 105 Vibhashree Mata Ji | Jain Dharm Sadhna | Kota Jain Samaj News
धर्म–साधना पवित्रता, संतुलन और आत्मोद्धार का मार्ग: महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर में गणिनी आर्यिका 105 विभाश्री माताजी का आध्यात्मिक प्रवचन
कोटा।
महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार, 03 दिसंबर 2025 को एक भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में गणिनी आर्यिका 105 विभाश्री माताजी ने धर्म-साधना, कर्म सिद्धांत और आध्यात्मिक जागरण पर गहन और प्रेरक मार्गदर्शन दिया। माताजी के सान्निध्य में आयोजित यह कार्यक्रम जैन समाज के लिए आत्मज्ञान और आत्मशुद्धि का एक दुर्लभ अवसर बन गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत रीति से दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट और पाद-प्रक्षालन से हुआ। यह पावन सौभाग्य समाजसेवी अशोक कुमार को प्राप्त हुआ। मंदिर समिति एवं जैन समाज ने इस पुण्य अवसर पर अशोक कुमार के योगदान की सर्वसम्मति से अनुमोदना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।
कर्म सिद्धांत मनुष्य के जीवन का वास्तविक मार्गदर्शक — गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी
अपने प्रेरणादायी प्रवचन में गणिनी आर्यिका 105 विभाश्री माताजी ने जैन दर्शन के मूल स्तंभ कर्म सिद्धांत का विस्तृत विवेचन करते हुए बताया कि—
“कर्म मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा दोनों निर्धारित करते हैं। जब तक मनुष्य अपने कर्मों के स्वरूप, प्रकृति और उनके परिणाम को नहीं समझता, तब तक उसका जीवन मोह, भ्रम और चिंता के आवरण में उलझा रहता है।”
माताजी ने आगे कहा कि आत्मा की यात्रा को पवित्र, संतुलित और शांत बनाने के लिए ज्ञान, संयम, तप और सत्संग अति आवश्यक हैं।
धर्म-साधना जीवन को केवल पवित्र ही नहीं बनाती, बल्कि मन, वचन और कर्म को भी संतुलित कर आत्मा को प्रगति की दिशा में अग्रसर करती है।
माताजी ने सरल भाषा में बताया कि—
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ज्ञान आत्मा में प्रकाश लाता है
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संयम जीवन में अनुशासन पैदा करता है
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तप कर्मों का क्षय करता है
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और सत्संग मन को सही मार्ग दिखाता है
उन्होंने उपस्थित समाजजन से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से धर्म-साधना, ध्यान, प्रार्थना और स्वाध्याय के लिए समय निकालें क्योंकि यही आध्यात्मिक उन्नति के साधन हैं।
प्रतिदिन हो रहे हैं प्रवचन—समाजजन ले रहे हैं आत्मिक लाभ
मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन टोला एवं महामंत्री पारस जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि गणिनी आर्यिका 105 विभाश्री माताजी का दिव्य प्रवचन प्रतिदिन महावीर नगर विस्तार योजना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित किया जा रहा है।
समाजजन इन प्रवचनों में नियमानुसार बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आत्मिक लाभ ले रहे हैं।
दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि माताजी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाज में आत्मअनुशासन, करुणा, संयम और आध्यात्मिकता की भावना बढ़ रही है।
समारोह में समाज का उत्साहपूर्ण सहभाग
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन “पार्श्वमणि” ने बताया कि इस पावन अवसर पर जैन समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
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विनोद टोरड़ी
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मनोज जयसवाल
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नरेंद्र बोरखंडिया
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मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जैन
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तथा भारी संख्या में समाजबन्धु
शामिल हुए और माताजी के प्रवचन से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन और प्रस्तुति पारस जैन “पार्श्वमणि”, पत्रकार कोटा द्वारा किया गया।
(मो. 9414764980)



