वजन कम करने में सबसे बड़ी चुनौती बार-बार लगने वाली भूख होती है। इस समस्या से निपटने में ड्राई फ्रूट्स आपकी काफी मदद कर सकते हैं। इनमें कैलोरी तो अधिक होती है, लेकिन साथ ही प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट भी मौजूद होते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। इससे ओवरईटिंग कम होती है, जो वजन बढ़ने का मुख्य कारण है।
बादाम

जेन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की डाइटिशियन प्रिया पालन बताती हैं कि बादाम में मैग्नीशियम, विटामिन E, कॉपर, कैल्शियम और प्लांट प्रोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें मौजूद फाइबर और हेल्दी फैट पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। Journal of Research in Medical Sciences में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने अपनी डाइट में बादाम शामिल किया, उनका वजन उन लोगों की तुलना में ज्यादा कम हुआ जिन्होंने कोई ड्राई फ्रूट्स नहीं खाए। डॉ. प्रिया रोजाना 4-5 बादाम खाने की सलाह देती हैं।
अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने और सूजन घटाने में मदद करता है। कैलोरी अधिक होने के बावजूद यदि इसे सीमित मात्रा में खाया जाए, तो यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। Nutrition Journal में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि अखरोट खाने वाले लोगों का पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे वे ओवरईटिंग से बचते हैं।
मूंगफली

मूंगफली को गरीबों का बादाम कहा जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट होते हैं, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने और भूख कम करने में मदद करते हैं। Nutrition Journal की एक स्टडी में यह पाया गया कि खाने से पहले 35 ग्राम मूंगफली खाने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
खजूर

खजूर में नेचुरल शुगर और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। इसे खाने के बाद शरीर लंबे समय तक एनर्जेटिक महसूस करता है। International Journal of Clinical and Experimental Medicine में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, खजूर में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। साथ ही इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कई मीठे स्नैक्स की तुलना में कम होता है, इसलिए इसे डायट में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
