भोपाल | मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे और वॉकआउट के बीच द्वितीय अनुपूरक अनुमान बजट और कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। शून्यकाल के बाद मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित पत्र सदन के पटल पर रखे, जबकि सरकार ने किसानों, बिजली, आगजनी और बजट प्रावधानों को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब दिए।
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन का हमला—“किसानों को न भावांतर और न समर्थन मूल्य”
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने बजट प्रावधानों का कड़ा विरोध करते हुए कहा:
- मक्का न भावांतर में शामिल, न समर्थन मूल्य तय
- किसानों, ओबीसी और अनुसूचित जनजाति कल्याण के नाम पर बजट में कोई प्रावधान नहीं
- स्वास्थ्य सेवाएँ बदहाल—छिंदवाड़ा सहित कई जिलों का उदाहरण दिया
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
शून्यकाल के बाद मंत्रियों ने पटल पर रखे पत्र :
मंत्री जगदीश देवड़ा, कैलाश विजयवर्गीय, उदय प्रताप सिंह, दिलीप अहिरवार, चेतन कश्यप और नारायण सिंह कुशवाह ने विभागीय पत्र सदन में प्रस्तुत किए।
ऊर्जा विभाग से संबंधित प्रश्न पर मंत्री तुलसी सिलावट ने जवाब दिया, जबकि कटनी के व्यापारी के घर आगजनी मामले पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पाटिल ने स्पष्टीकरण दिया।
किसानों के मुआवजे पर तीखी बहस—5,000 करोड़ नुकसान, दिए केवल 200 करोड़?
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक बाबू झंडेवाले ने आरोप लगाया कि शिवपुरी के किसानों को वादा किए 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा अब तक नहीं मिला।
- राजस्व मंत्री ने कहा: 200 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है
- विपक्ष असंतुष्ट
- नेता प्रतिपक्ष ने कहा: कुल नुकसान 5,000 करोड़, दिया सिर्फ 200 करोड़
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जवाब दिया कि रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित है और निर्धारित राशि किसानों को दी जा रही है।
फसल नुकसान पर मिले “झूठे जवाबों” को लेकर विपक्ष का आरोप
कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि ग्वालियर-चंबल में अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर गलत आंकड़े दिए जा रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने “झूठे जवाब” कहे जाने पर आपत्ति जताई।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि सहायता मानदंडों के अनुसार दी जा रही है।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन—‘बंदर के हाथ में उस्तरा’

सत्र की शुरुआत कांग्रेस के प्रदर्शन से हुई। कई विधायक बंदर का रूप लेकर पहुंचे और कहा:
- “सरकार जनता पर बंदर की तरह उस्तरा चला रही है।”
- किसानों, युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार विफल है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार “जनविरोधी नीतियाँ” चला रही है।
विभागों के लिए घोषित बजट का ब्यौरा
सरकार ने कई विकास कार्यों के लिए बजट आवंटन किया, जिनमें प्रमुख हैं:
- समर्थन मूल्य खरीदी – 2001 करोड़
- औद्योगिक नीति—650 करोड़
- नर्मदा घाटी विकास—600 करोड़
- बरगी नहर डायवर्सन—200 करोड़
- इंदिरा सागर—94 करोड़
- बांध निर्माण—300 करोड़
- AMRUT 2.0—150 करोड़
तीसरे दिन 71 याचिकाएँ होंगी प्रस्तुत
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रीवा जिले में अधूरे विद्युतीकरण पर ध्यानाकर्षण
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कटनी के व्यापारी के घर आगजनी मामले में गलत धाराएँ लगाने पर प्रश्न

13,476.94 करोड़ का अनुपूरक बजट, तीन घंटे की चर्चा निर्धारित
सरकार का दावा है कि इस बजट में ग्रामीण विकास, महिला कल्याण, कृषि और जल संसाधन पर विशेष फोकस किया गया है।
