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MP Health Infrastructure Expansion: 2028 तक शुरू होंगे 12+ नए मेडिकल कॉलेज, कैंसर ट्रीटमेंट और जिला अस्पतालों का बड़ा अपग्रेड

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Published On: 4 December 2025
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मध्यप्रदेश में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार: 2028 तक शुरू होंगे कई नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को अत्याधुनिक, सक्षम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की मेडिकल व्यवस्था न सिर्फ मजबूत होगी, बल्कि देश में एक मॉडल के रूप में खड़ी नजर आएगी। स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा का विस्तार और आम जनता तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आयुष्मान योजना को और व्यापक करने के निर्देश

सीएम ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे।
जो अस्पताल और डॉक्टर अभी तक इस योजना से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तुरंत इम्पैनल्ड किया जाए। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़े उपचारों के लिए बिना खर्च इलाज मिल सकेगा।


डॉक्टर्स की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नई रणनीति

प्रदेश में बढ़ते मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को देखते हुए CM ने डॉक्टरों की भारी आवश्यकता को स्वीकार किया। इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गई—

1. भर्ती प्रक्रिया तेज होगी

मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए डॉक्टरों की बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होंगी।

2. निजी डॉक्टरों की सेवाएं प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ली जाएंगी

सरकार नियम के अनुसार कॉल-ऑन ड्यूटी और आकर्षक मानदेय देकर निजी चिकित्सकों को सेवा में जोड़ेगी।

3. बॉन्ड डॉक्टरों पर सख्त और प्रोत्साहन आधारित नीति

  • सरकारी खर्च पर पढ़ने वाले डॉक्टरों को राज्य में सेवा देना अनिवार्य होगा।

  • दूरस्थ, आदिवासी और कठिन क्षेत्रों में सेवा देने पर विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

  • नए मेडिकल कॉलेजों और फील्ड अस्पतालों में बॉन्ड डॉक्टरों को संशोधित मानदेय के साथ नियुक्त किया जाएगा।


स्वास्थ्य योजनाओं की Delivery System को मजबूत करने पर जोर

सीएम मोहन यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की सक्रियता पर निर्भर करती है। इसलिए Delivery System को—

  • अधिक पारदर्शी

  • अधिक प्रभावी

  • और समयबद्ध

बनाने के लिए सभी ज़रूरी सुधार लागू किए जाएंगे।


अनावश्यक सीजेरियन और एम्बुलेंस के गलत उपयोग पर सख्ती

सरकार को निजी अस्पतालों में बढ़ते अनुचित सीजेरियन ऑपरेशन की शिकायतें मिली हैं। CM ने निर्देश दिया—

  • ऐसे मामलों पर कठोर निगरानी रखी जाए

  • दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो

इसी तरह, 108 एम्बुलेंस के ड्राइवरों द्वारा मरीजों को ज़बरन निजी अस्पताल ले जाने की शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए आलाधिकारियों को इस पर नियंत्रण करने के लिए कहा गया।


सरकारी अस्पतालों ने 84,000 हृदय सर्जरियां कम खर्च में कीं

बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में सरकारी अस्पतालों ने 84,000 से अधिक हृदय से संबंधित सफल सर्जरियां की हैं। मुख्यमंत्री ने इसे सरकारी चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।


2028 तक शुरू होंगे कई नए मेडिकल कॉलेज—राजगढ़ से बुधनी तक तेजी से निर्माण

उपमुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2028 तक निम्न जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे—

  • राजगढ़

  • मंडला

  • छतरपुर

  • उज्जैन

  • दमोह

  • बुधनी

इसके अलावा कई मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल के तहत निर्माणाधीन हैं और कुछ की निविदाएं जारी हैं।

प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है।

2028 तक हर संभाग मुख्यालय में कैथलैब

दिल के मरीजों के लिए हर संभागीय मुख्यालय पर कैथलैब स्थापित की जाएगी।

मातृ मृत्यु दर कम करने का लक्ष्य

प्रदेश ने MMR को 100 प्रति लाख जीवित जन्म तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


स्वास्थ्य और औषधि विभाग को मिलेगा बड़ा बजट

FSSAI से 41 करोड़ का बजट

वर्ष 2025–26 के लिए खाद्य सुरक्षा परियोजनाओं पर 41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

औषधि प्रशासन को 211 करोड़ की योजना

औषधि प्रशासन की मजबूती के लिए 211 करोड़ की पाँच वर्षीय योजना CDSCO को भेजी गई है, जिसके तहत 3 वर्षों में सभी पूंजीगत कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।


PPP मॉडल पर प्रदेश में तेजी से बन रहे मेडिकल कॉलेज

निजी निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार अस्पताल निर्माण हेतु केवल एक रुपये में भूमि उपलब्ध करा रही है। इस मॉडल के तहत—

  • कटनी

  • धार

  • पन्ना

  • बैतूल

में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं।

इसके अलावा 9 जिलों—
अशोकनगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगौन, शाजापुर—में मेडिकल कॉलेज की निविदाएं जारी हैं।

इंदौर में ESIC मेडिकल कॉलेज पहले ही शुरू किया जा चुका है।


नए मेडिकल उपकरण और कैंसर उपचार में बड़ा निवेश

प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में—

  • नई CT स्कैन मशीनें

  • MRI मशीनें

  • ड्यूल एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर (50 करोड़ लागत प्रति मशीन)

  • ब्रेकीथेरपी मशीनें

लगाई जा रही हैं। इससे कैंसर उपचार और अन्य जटिल बीमारियों के इलाज की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।


जिला अस्पतालों का बड़ा उन्नयन

नए जिला अस्पताल–

  • मैहर

  • मऊगंज

  • पांढुर्ना

में नए जिला अस्पतालों को मंजूरी मिल चुकी है।

अतिरिक्त बेड और स्टाफ–

टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, शिवपुरी, डिंडोरी में—

  • 800 नए बेड जोड़ने की योजना

  • 810 पदों पर भर्ती को मंजूरी


PM-Shri एयर एम्बुलेंस और शव परिवहन सेवा को सराहना

  • 109 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया

  • 6300 से अधिक शव परिवहन की सेवा दी गई

  • हर जिला अस्पताल में जनऔषधि केंद्र स्थापित हैं


टीबी उन्मूलन और सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश देश में शीर्ष पर

  • टीबी उन्मूलन मिशन में MP देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल

  • सिकल सेल स्क्रीनिंग में देशभर में प्रथम, अब तक 1.25 करोड़ जांचें


स्वास्थ्य सेवाओं का विशाल नेटवर्क

वर्तमान में प्रदेश में सक्रिय हैं—

  • 12,655 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

  • 448 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक

  • 72 मोबाइल मेडिकल यूनिट

  • 148 शव वाहन


निष्कर्ष:
मध्यप्रदेश 2028 तक डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, नई तकनीक, मेडिकल टूरिज्म और स्वास्थ्य अधोसंरचना के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सीएम मोहन यादव की प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य ही शीर्ष पर है, जिसका सीधा लाभ आने वाले वर्षों में करोड़ों नागरिकों को मिलेगा।

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