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कांग्रेस का MP में कानून व्यवस्था पर बड़ा हमला: उमंग सिंघार का आरोप—इंदौर-भोपाल कमिश्नर सिस्टम फेल, अपराध तेजी से बढ़े

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Published On: 3 December 2025
qibsrsko pragya thakur vs umang

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कांग्रेस ने MP में कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर बोला हमला—कमिश्नर सिस्टम पर उठाए सवाल, उमंग सिंघार बोले “इंदौर-भोपाल में अपराध बेलगाम”

मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर में लागू कमिश्नर सिस्टम अपराध रोकने में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार “मज़बूत कानून व्यवस्था” की जो तस्वीर विज्ञापनों में दिखाती है, उसका जमीन से कोई संबंध नहीं है।

कांग्रेस नेता के अनुसार पिछले एक वर्ष में हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है, जबकि पुलिस के भीतर भी भ्रष्टाचार और आपराधिक प्रवृत्ति के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस कारण जनता में असुरक्षा की भावना और गहरी होती जा रही है।

कमिश्नर सिस्टम पर कांग्रेस का हमला: “इंदौर–भोपाल में अपराध बेकाबू”

उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर और भोपाल जैसे महानगरों में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद सरकार ने दावा किया था कि इससे अपराधों पर नियंत्रण मिलेगा, पुलिसिंग मजबूत होगी और शहर सुरक्षित बनेंगे।
लेकिन, उनके अनुसार “स्थिति इसके बिल्कुल उलट” है।

उन्होंने कहा—

“इंदौर और भोपाल में अपहरण और बलात्कार के मामलों में भयावह वृद्धि हुई है। यदि राजधानी और व्यापारिक राजधानी ही सुरक्षित नहीं, तो बाकी प्रदेश का क्या हाल होगा?”

सिंघार ने आरोप लगाया कि अपराधियों पर लगाम कसने की जगह पुलिस-प्रशासन सिर्फ दिखावटी कार्रवाइयों और विज्ञापनबाज़ी में उलझा हुआ है।

कांग्रेस का दावा: अपराध के आंकड़े बताते हैं बढ़ता खतरा

उमंग सिंघार ने मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 महीनों में मध्यप्रदेश में गंभीर अपराधों का ग्राफ चिंताजनक स्तर तक पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया—

● पिछले 1 साल में दर्ज मामले:

  • 1500 हत्या
  • 3800 बलात्कार
  • हजारों अपहरण और लूट के मामले

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े साफ़ बताते हैं कि प्रदेश में महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा लगातार कमजोर पड़ रही है।

● इंदौर और भोपाल के alarming आंकड़े:

  • इंदौर:

  • 764 अपहरण
  • 259 बलात्कार के मामले
  • भोपाल:

  • 531 अपहरण
  • 207 बलात्कार के मामले

सिंघार ने कहा कि जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर भी अपराध की मार झेल रहे हैं और किसी भी श्रेणी में गिरावट नहीं, बल्कि तेज़ बढ़ोतरी हुई है।

“जब पुलिस ही सवालों के घेरे में हो, तो जनता किससे उम्मीद करे?” — कांग्रेस

उमंग सिंघार ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पिछले 20 महीनों में 164 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी स्वयं आपराधिक मामलों में लिप्त पाए गए हैं।

उन्होंने कहा—

“जब वर्दी पर ही आरोप हों, जब पुलिसकर्मी खुद अपराधों में पकड़े जा रहे हों, तब जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? यह स्थिति बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है।”

कांग्रेस नेता का कहना है कि पुलिस महकमे में अनुशासन की कमी और राजनीतिक दबाव के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।

जनता पूछ रही है—मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था कौन चला रहा है?

उमंग सिंघार का कहना है कि वर्तमान स्थिति ने प्रदेश की सरकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया और विज्ञापनों के सहारे “सुरक्षित मध्यप्रदेश” की जो तस्वीर दिखाती है, वह पूरी तरह भ्रामक है।

उन्होंने तीखा सवाल पूछा—

“मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था कौन चला रहा है—विज्ञापनों में मजबूत दिखने वाली सरकार या जमीन पर उतरकर काम करने वाली?”

कांग्रेस का दावा है कि अपराध रोकथाम के उपाय न के बराबर हैं, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है और आमजन रात को घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहा है।

कांग्रेस का आरोप—सरकार अपराध के बढ़ते मामलों पर पर्दा डाल रही है

सिंघार ने कहा कि सरकार अपराध के आंकड़े छिपाने की कोशिश कर रही है और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को नजरअंदाज़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई में देरी और कई मामलों में लीपापोती के कारण आम लोगों का भरोसा पुलिस से उठ रहा है।

कांग्रेस की मांग—MP में कानून व्यवस्था पर विशेष सत्र बुलाए सरकार

उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों की रोकथाम और पुलिस महकमे में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा में विशेष चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अपराध के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करे और विफल कानून-व्यवस्था पर ठोस जवाब दे।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बावजूद इंदौर और भोपाल सहित पूरे प्रदेश में अपराध बेलगाम हैं। वहीं पुलिस विभाग के भीतर बढ़ते आपराधिक मामलों ने सरकार के दावों पर और सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना यह है कि बीजेपी सरकार इन गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या विपक्ष की मांग पर कानून-व्यवस्था पर कोई विशेष कदम उठाए जाते हैं।

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