मध्य प्रदेश में बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2020 से 2025 तक प्रदेश में बाल विवाह की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में 366 मामले दर्ज हुए, जो 2025 में बढ़कर 538 तक पहुँच गए। यह स्थिति सरकार के सामाजिक सुधार और जागरूकता अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करती है।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह का आरोप :
पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में बाल विवाह के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और सरकार पर बच्चों के अधिकार और सामाजिक कुरीतियों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चों को शिक्षा, अवसर और सुरक्षित जीवन देने में सरकार पूरी तरह असफल रही है। जयवर्धन सिंह ने इस बढ़ती संख्या को सामाजिक विकास में नाकामी का संकेत बताया।

सरकार का जवाब :
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार और निगरानी के माध्यम से ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। हालांकि बढ़ते मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में बाल विवाह जैसी कुरीतियों को पूरी तरह समाप्त करना अभी भी चुनौतीपूर्ण है।
