मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकों की शुरुआत कर दी है। यह सात दिवसीय मूल्यांकन न सिर्फ मंत्रियों के पिछले दो वर्षों के काम का आकलन करेगा, बल्कि अगले तीन वर्षों के लिए शासन का नया रोडमैप भी तय करेगा। माना जा रहा है कि ये बैठकें आगामी कैबिनेट फेरबदल का सीधा संकेत हैं, और कुछ मंत्रियों की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
2 से 9 दिसंबर तक चलेगी समीक्षा, कैबिनेट में बड़े बदलाव के संकेत :
भोपाल में 2 दिसंबर से शुरू हुई यह समीक्षा प्रक्रिया 9 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसमें विभागवार प्रेजेंटेशन किए जाएंगे और मंत्री तथा अधिकारियों से उनके कामकाज पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है—
- प्रशासनिक कार्यों की गति तेज करना
- योजनाओं की जमीनी स्थिति समझना
- अंतिम लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं का असर सुनिश्चित करना
- राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया कैबिनेट में जल्द होने वाले बड़े फेरबदल की तैयारी है।

पहले दिन इन विभागों की समीक्षा :
पहले दिन सीएम मोहन यादव ने निम्न विभागों की गहन जांच की:
- स्कूल शिक्षा विभाग
- ग्रामीण विकास विभाग
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
- परिवहन विभाग
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल शिक्षा और शिक्षक प्रबंधन पर विस्तृत फीडबैक लिया।

शिक्षा विभाग के आंकड़े उत्साहजनक :
अधिकारियों के अनुसार:
- स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
- पिछले वर्ष की तुलना में छात्र नामांकन में 120% की वृद्धि दर्ज हुई है।
- खासतौर पर निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में छात्र नामांकन बढ़ा है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों के कमजोर प्रदर्शन की रिपोर्ट ने तीन मंत्रियों की स्थिति को खतरे में डाल दिया है, लेकिन अंतिम निर्णय समीक्षा के बाद ही होगा।
