आचार्यश्री समय सागर जी महाराज के पिच्छी परिवर्तन समारोह में पहुँचीं महिला क्रिकेटर व 2025 की विश्व विजेता कृति गौड़ — कहा, “आप में दिखती है Archarcha श्री विद्या सागर की परछाई” | पिसनहारी मड़िया में भव्य और श्रद्धापूर्ण आयोजन
पिसनहारी मड़िया, नगर। पिसनहारी मड़िया में सोमवार को आयोजित आचार्यश्री समय सागर जी महाराज के पिच्छी परिवर्तन समारोह ने भक्ति, संयम और अध्यात्म का ऐसा वातावरण रचा कि पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। सुबह होते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। नगर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुँचे।
यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि 2025 महिला क्रिकेट विश्व विजेता और शहर का गौरव, कृति गौड़ भी पिच्छी परिवर्तन का साक्षी बनने के लिए विशेष रूप से पहुँचीं। उनका आगमन श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का केंद्र बना रहा।
संतों के चरणों में बैठकर आशीर्वाद लेते हुए कृति गौड़ भावुक हो उठीं और बोलीं—
“आप में सचमुच Archarcha श्री विद्यासागर की परछाई दिखती है। यहाँ की ऊर्जा मन को शांति, स्थिरता और अद्भुत सकारात्मकता से भर देती है।”
पिच्छी परिवर्तन का दिव्य क्षण — त्याग, संयम और शुद्धता का प्रतीक
जैन परंपरा में पिच्छी परिवर्तन एक अत्यंत दुर्लभ और पावन विधान है। बालों से निर्मित पिच्छी साधु-संतों के करुणा, तप, अहिंसा एवं संयम का प्रतीक होती है।
आचार्यश्री समय सागर जी महाराज की दिव्य उपस्थिति में यह प्रक्रिया अत्यंत अनुशासन और शास्त्रीय विधि के साथ सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शास्त्र वाचन, नवकार मंत्र, स्तुति और मंगलाचरण से वातावरण आध्यात्मिक स्वर से गूँज उठा। इसके बाद मुनिराजों ने शास्त्रानुसार नई पिच्छियाँ धारण कीं।
श्रद्धालु इस दुर्लभ दृश्य को भाव-विभोर होकर निहारते रहे।
सीनियर्स भक्तों ने कहा—
“आचार्यश्री समय सागर जी महाराज का पिच्छी परिवर्तन देखना अनंत पुण्य का अवसर है। यह जीवन में अत्यंत दुर्लभ मिलता है।”
कृति गौड़ को मिला आचार्यश्री का विशेष आशीर्वाद
भारत को 2025 में विश्व खिताब जिताने वाली क्रिकेटर कृति गौड़ समारोह का मुख्य आकर्षण बनी रहीं। विश्व विजेता होने के बावजूद उनमें अद्भुत विनम्रता और भक्ति का भाव देखने को मिला।
उन्होंने आचार्यश्री समय सागर जी महाराज के चरणों में बैठकर विशेष आशीर्वाद ग्रहण किया।
कृति ने कहा—
“खेल के मैदान में अनुशासन और संयम की जितनी आवश्यकता होती है, उससे कई गुना संतों के जीवन में देखने को मिलता है। ऐसे स्थान मुझे नया संतुलन, शक्ति और आत्मविश्वास देते हैं।”
कृति गौड़ ने आगे कहा कि उनके जीवन में आध्यात्मिकता और ध्यान का बड़ा योगदान है।
“मन जितना शांत हो, प्रदर्शन उतना ही बेहतर होता है। यहाँ आकर आत्मिक शक्ति दोगुनी हो जाती है।”
पिसनहारी मड़िया का दिव्य वातावरण — भक्ति और सकारात्मकता से भरा
समारोह के दौरान पिसनहारी मड़िया का पूरा वातावरण अहिंसा, तप, संयम और शांति के रंगों में रंगा रहा।
अभिषेक, शांतिधारा, मंत्रोच्चार और विशेष आरतियों ने पूरे परिसर को किसी तीर्थ धाम जैसी अनुभूति करवाई।
अनेक श्रद्धालुओं ने कहा—
“आज यहाँ आकर ऐसा लग रहा है जैसे मन पूरी तरह हल्का, शांत और प्रसन्न हो गया हो।”
कृति गौड़ — खेल और अध्यात्म का संगम
कृति गौड़ का व्यक्तित्व हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहा है। विश्व विजेता होते हुए भी उनकी सादगी और अध्यात्म से जुड़ाव ने लोगों को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा—
“धैर्य, संयम, हार-जीत का संतुलन—ये सब मुझे धर्म और संतों से सीखने को मिलता है। यही मुझे एक खिलाड़ी के रूप में और बेहतर बनाता है।”
उनके आगमन से युवा खिलाड़ियों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई युवतियों ने उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया और उनके अनुभव सुने।
महिलाओं और युवाओं की भारी उपस्थिति
पिच्छी परिवर्तन समारोह में इस बार महिलाओं, युवाओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति विशेष रूप से अधिक रही।
सभी के चेहरे पर श्रद्धा और उत्साह साफ झलक रहा था।
कई युवाओं ने कहा—
“कृति दीदी को इतना विनम्र और आध्यात्मिक देखकर हमें भी सीख मिली कि सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहना कितना ज़रूरी है।”
समारोह का समापन — जगत कल्याण की मंगल कामना
समारोह के अंत में आचार्यश्री समय सागर जी महाराज ने सभी भक्तजनों को मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा—
“सभी जीव सुखी हों, सभी जीव शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलें, और संसार में मैत्रीभाव बढ़े।”
कार्यक्रम में शहर के अनेक जनप्रतिनिधि, व्यापारी, समाज प्रमुख, सेवा समिति सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सभी ने इसे अनुशासन, भक्ति, संयम और प्रेरणा से भरपूर आयोजन बताया।
