नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बार सुर्खियों में हैं, क्योंकि वे हाल ही में हुई कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। कांग्रेस ने यह बैठक रविवार (30 नवंबर) को रखी थी, जिसकी अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की थी।
थरूर ने सोमवार (1 दिसंबर) को शीतकालीन सत्र के लिए संसद आने के दौरान पत्रकारों से बात की और बैठक में शामिल न होने का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मैंने बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी, मैं केरल से लौटते समय फ्लाइट में था।” थरूर की यह प्रतिक्रिया मीडिया में सुर्खियों में रही, क्योंकि इससे पहले भी वे कई बार कांग्रेस की बैठकों में उपस्थित नहीं हुए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि थरूर का यह स्पष्ट जवाब पार्टी में उनकी स्थिति और जवाबदेही को लेकर आश्वस्त करने वाला कदम है। इसके अलावा, यह भी संकेत माना जा रहा है कि थरूर पार्टी की रणनीतिक बैठकों और महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल होने को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन यात्रा और व्यस्त कार्यक्रम के कारण कभी-कभी गैरमौजूद रह जाते हैं।
कांग्रेस में थरूर की गैरमौजूदगी पर मीडिया में कई अटकलें भी लगाई जा रही थीं, लेकिन सांसद ने खुद कैमरे के सामने साफ-साफ कह दिया कि उनकी बैठक में अनुपस्थिति का कारण केवल यात्रा थी। थरूर के इस बयान से पार्टी और समर्थकों के बीच फैल रही अफवाहों को भी स्पष्टता मिली है।
इस तरह, शशि थरूर ने अपनी गैरमौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट और खुले तौर पर जवाब दे दिया, जिससे उनकी स्थिति और जिम्मेदारी का संदेश सभी के लिए स्पष्ट हो गया।
