मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे: सभी मंत्री पेश करेंगे दो साल का रिपोर्ट कार्ड, मंत्रालयों की होगी हाई-लेवल समीक्षा
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार अपने दो साल के कार्यकाल का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा करने जा रही है। इस अवसर पर सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन (Report Card Review) शुरू किया है। यह समीक्षा न केवल अब तक हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश करेगी, बल्कि आने वाले तीन वर्षों की रोडमैप योजना भी तय करेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया 2 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलेगी और इसे “हाई-लेवल परफॉर्मेंस रिव्यू” के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
सभी मंत्रियों को देना होगा रिपोर्ट कार्ड: मंत्रालयवार प्रगति का होगा विश्लेषण
सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक मंत्री को अपने विभाग का दो साल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड तैयार करना होगा। इसमें उन्हें बीते दो वर्षों में किए गए कार्यों, चल रही परियोजनाओं, हासिल उपलब्धियों और विभाग के प्रभावों का जिक्र करना होगा।
इसके साथ ही, मंत्रियों को विभाग की कमियों, चुनौतियों और कमजोरियों पर भी खुलकर रिपोर्ट देनी होगी—यानी सिर्फ उपलब्धियां गिनाकर बात खत्म नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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प्रत्येक विभाग अपनी उपलब्धियों के साथ
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लंबित परियोजनाएं
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समस्याएं व उनके कारण
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इनका समाधान और क्रियान्वयन टाइमलाइन
स्पष्ट रूप से बताए।
सरकार इस समीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
अगले तीन साल का रोडमैप भी बनेगा – 2025 से 2027 तक का लक्ष्य तय
समीक्षा बैठकों का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल पिछला काम देखना नहीं है, बल्कि अगले तीन साल की विकास रणनीति तैयार करना भी है। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि:
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उनके विभागों के लक्ष्य क्या हैं
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इन लक्ष्यों को कैसे पूरा किया जाएगा
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इसके लिए कौन-सी योजनाएँ, परियोजनाएँ और नीतियाँ लागू की जाएंगी
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इन लक्ष्यों की समयबद्ध मॉनिटरिंग कैसे होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में विकास की गति और तेज़ करना चाहती है, इसलिए विभागीय कार्ययोजना पूरी तरह ज़मीन स्तर पर लागू करने योग्य होनी चाहिए।
2 दिसंबर से समीक्षा बैठकों का मैराथन शुरू – विधानसभा में Day-1 की मीटिंग
समीक्षा बैठकों का दौर 2 दिसंबर से शुरू होगा। यह पहला चरण विधानसभा में आयोजित होगा। पहले दिन निम्न विभागों की समीक्षा होगी:
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास – प्रह्लाद सिंह पटेल
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स्कूल शिक्षा विभाग – उदय प्रताप सिंह
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ऊर्जा विभाग – प्रद्युम्न सिंह तोमर
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अन्य महत्वपूर्ण विभाग
इसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं नर्मदा घाटी विकास विभाग के कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे।
Day-1 का फोकस ग्रामीण विकास, शिक्षा और ऊर्जा जैसे बड़े जनहित वाले क्षेत्रों पर रहेगा।
3 दिसंबर – वल्लभ भवन में हेल्थ, महिला-बाल विकास और सहकारिता विभाग की समीक्षा
समीक्षा बैठकों का दूसरा चरण 3 दिसंबर को वल्लभ भवन में आयोजित होगा। इस दिन जिन विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश होगा, वे हैं:
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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण – राजेन्द्र शुक्ल
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सहकारिता विभाग – विश्वास सारंग
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महिला एवं बाल विकास विभाग – निर्मला भूरिया
यह दिन स्वास्थ्य व्यवस्था, सहकारिता सुधार और महिलाओं-बच्चों से संबंधित योजनाओं पर केंद्रित रहेगा।
सरकार विशेष रूप से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, स्वास्थ्य ढांचा, सहकारी बैंकिंग, एवं महिला सुरक्षा कार्यक्रमों की प्रगति पर गहन समीक्षा करेगी।
8–9 दिसंबर: खजुराहो में अंतिम चरण – बड़े मंत्रालयों की हाई-लेवल मीटिंग
8 और 9 दिसंबर को समीक्षा का अंतिम और सबसे अहम चरण खजुराहो में होगा। यहां इन बड़े विभागों के रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किए जाएंगे:
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नगरीय विकास विभाग – कैलाश विजयवर्गीय
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लोक निर्माण विभाग (PWD) – राकेश सिंह
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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग – गोविन्द सिंह राजपूत
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सरकार के अन्य प्रमुख राजस्व और स्थायी विभाग
खजुराहो में होने वाली ये बैठकें पूरी प्रक्रिया का समापन और निर्णयात्मक चरण माना जा रहा है। यहां सभी विभागों की उपलब्धियों, कमियों और अगले वर्षों के विजन दस्तावेज़ को फाइनल किया जाएगा।
9 दिसंबर को खजुराहो में कैबिनेट बैठक – महत्वपूर्ण फैसलों की संभावना
समीक्षा प्रक्रिया का अंतिम चरण 9 दिसंबर को कैबिनेट मीटिंग के साथ होगा। इसमें:
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पिछले दौर की सभी रिपोर्टों का अंतिम विश्लेषण
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प्रमुख विकास परियोजनाओं पर निर्णय
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मंत्रालयों के आगामी लक्ष्यों को मंजूरी
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प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा
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नई योजनाओं की घोषणा
संभावित है।
सरकार संकेत दे चुकी है कि इस समीक्षा के आधार पर अधिकारियों और विभागों की परफॉर्मेंस रैंकिंग भी तय की जा सकती है।
यानी आने वाले समय में बेहतर काम करने वाले विभागों को प्राथमिकता और कमजोर परफॉर्मेंस वाले विभागों को सुधार के लिए विशेष निर्देश मिल सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह समीक्षा?
डॉ. मोहन यादव सरकार का यह दो साल का कार्यकाल राज्य के लिए कई मोर्चों पर निर्णायक रहा है—जैसे:
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बुनियादी ढांचे का विकास
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निवेश और औद्योगिक विस्तार
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महिला सुरक्षा और शिक्षा
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ग्रामीण विकास और सिंचाई परियोजनाएँ
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ऊर्जा सुधार
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स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
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धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन
इन सभी क्षेत्रों की प्रगति का एक पारदर्शी रिपोर्ट कार्ड जनता तक पहुँचेगा।
यह समीक्षा सरकार की Accountability और Good Governance नीति का हिस्सा है, जिससे जनता को यह पता चल सके कि विभागों ने अपने लक्ष्य कितने पूरे किए।
निष्कर्ष: मोहन यादव सरकार का दो साल का मूल्यांकन बनेगा आने वाले तीन साल का आधार
मध्य प्रदेश में पहली बार इतना व्यवस्थित, पारदर्शी और विभागवार रिपोर्ट कार्ड सिस्टम लागू किया जा रहा है।
2 से 9 दिसंबर तक चलने वाली यह समीक्षा न केवल सरकार की पिछले दो वर्षों की परफॉर्मेंस बताएगी, बल्कि:
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अगले तीन वर्षों की विकास यात्रा
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नई परियोजनाएँ
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प्रशासनिक सुधार
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और जनता से जुड़े कामों की दिशा
भी तय करेगी।
इस प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की विकास नीतियों का एक मजबूत और स्पष्ट मिड-टर्म रोडमैप सामने आएगा।
