खरगोन: पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो व्हाट्सएप पर खरगोन कलेक्टर की डिस्प्ले फोटो का उपयोग कर लोगों को ठग रहा था। इस मामले में मुंबई की एक महिला सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों का उद्देश्य महंगी जीवनशैली और जल्दी पैसा कमाना था।
रीवा पुलिस की मदद से हुई गिरफ्तारी :
खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि आरोपियों में ग्लोरिया फर्नांडीस (मुंबई), शिवांश सिंह यादव, शिवेंद्र वर्मा, रोहित यादव, विनीत चौहान, पंकज पटेल और दीपक पटेल (सभी रीवा) शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के मुख्य संचालक पंकज पटेल और दीपक पटेल थे। पुलिस ने ठगी की लगभग 1 लाख रुपये की राशि भी बरामद की।

गिरोह का काम करने का तरीका :
गिरोह युवाओं से उनके बैंक खाते और सिम कार्ड किराए या कमीशन पर लेता था। ठगी की राशि पहले मुंबई की ग्लोरिया फर्नांडीस के खाते में भेजी जाती थी और फिर हवाला जैसे तरीके से कई बैंक खातों के माध्यम से घूमाकर रीवा में एटीएम से निकाली जाती थी। ग्लोरिया ने स्वीकार किया कि उसने अपने बैंक खाते और सिम कार्ड को दिल्ली में रहने वाले एक ऑनलाइन मित्र को भेजा था।
तफ्तीश और कार्रवाई :
खरगोन कोतवाली थाना प्रभारी बी.एल. मंडलोई ने बताया कि यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई थी, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप नंबर +84339410118 से जिला कलेक्टर का नाम लेकर 1 लाख रुपये की मांग की थी। जिला मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी ने गलती से पैसे एक अज्ञात खाते में भेज दिए। पुलिस ने तीन टीमें बनाकर जांच की और गिरोह का पर्दाफाश किया।
