नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के बाहर एक भाषण में विपक्ष से अपील की कि वे सदन में कार्रवाई बाधित न करें और नए सांसदों को बोलने का मौका दें।
PM मोदी ने कहा, “यह शीतकालीन सत्र सिर्फ रस्म नहीं है, बल्कि देश को प्रगति की ओर तेजी से ले जाने के प्रयासों में ऊर्जा भरने का काम करेगा। विपक्ष को भी अपना दायित्व निभाना चाहिए।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “ड्रामा करने के लिए देश में बहुत जगह है और नारे लगाने के लिए पूरा देश है। सदन की कार्यवाही में बाधा न डालें।”

प्रधानमंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि वे “पराजय की बौखलाहट को सदन का मैदान न बनने दें और चर्चा में मजबूत मुद्दे उठाएं।” उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए लोकतंत्र में मतदान और माताओं-बहनों की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र की ताकत और नई आशा बताया।
सत्र में पेश होंगे 10 महत्वपूर्ण विधेयक :
इस शीतकालीन सत्र में सरकार की ओर से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र, उच्च शिक्षा सुधार, कॉरपोरेट और शेयर बाजार विनियम सहित कुल 10 विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें परमाणु ऊर्जा विधेयक-2025, बीमा कानूनों में संशोधन करने वाला विधेयक, और तंबाकू-पान मसाला पर कर व उपकर लगाने वाले दो अन्य विधेयक शामिल हैं।
विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में :
विपक्ष इस सत्र में एसआईआर मुद्दा और वोट चोरी को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी में है। सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि वे निर्वाचन आयोग के साथ कथित मिलीभगत के आधार पर सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा वोट चोरी के मुद्दे को उठाएंगे।
