रोहल कलां के माध्यमिक विद्यालय में सहजयोग ध्यान सत्र आयोजित, बच्चों में जागी मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा | Sahajayog Dhyaan Session Nagda | Rohal Kala School Meditation Program
Nagda News: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में जहां बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अवसाद और पढ़ाई में ध्यान लगाने में कठिनाई जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं नागदा क्षेत्र से एक सकारात्मक पहल सामने आई है। ग्राम रोहल कलां के माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता बढ़ाने के उद्देश्य से सहजयोग ध्यान सत्र (Sahajayog Meditation Session) का आयोजन किया गया।
इस विशेष सत्र में लगभग 90 बच्चों ने हिस्सा लिया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री सुनील कारपेंटर सहित पूरा शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा। बच्चों ने पूरे अनुशासन और एकाग्रता के साथ सहजयोग ध्यान का अभ्यास किया।
बच्चों में बढ़ते मानसिक तनाव का समाधान – सहजयोग ध्यान (Sahajayog Dhyaan Benefits For Students)
आज बच्चों में
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पढ़ाई में ध्यान न लगना
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हर बात पर गुस्सा
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चिड़चिड़ापन
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याददाश्त में कमी
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सामाजिक मेलजोल से दूरी
जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
इन चुनौतियों के बीच सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि—
हम अपनी युवा पीढ़ी को मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त कैसे रखें?
इसी प्रश्न का समाधान सहजयोग ध्यान प्रदान करता है। सहजयोग एक ऐसा आध्यात्मिक और ध्यान आधारित विज्ञान है जिसमें सूक्ष्म शरीर के चक्रों और नाड़ियों का शुद्धिकरण होता है। इससे मन शांत, विचार स्थिर और शरीर ऊर्जावान होता है।
सहजयोग ध्यान सत्र का प्रभाव – बच्चों का अनुभव
ध्यान सत्र के दौरान बच्चों ने बताया कि
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उनके विचार स्वतः शांत हो गए
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मन में गहरी शांति का अनुभव हुआ
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तनाव दूर होता महसूस हुआ
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भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा जागृत हुई
बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और सुकून साफ दिखाई दिया, जो इस सत्र की सफलता का प्रमाण था।
सामाजिक उत्तरदायित्व – विद्यार्थियों को जूते और मोजे का वितरण
अपने सामाजिक दायित्व निभाते हुए सहजयोग ध्यान केंद्र नागदा के सदस्यों ने सरकारी विद्यालय के बच्चों को ठंड से बचाव हेतु जूते और मोजे भी वितरित किए।
इसके बाद सभी बच्चों को स्वल्पाहार (refreshment) भी दिया गया।
इस सेवा एवं आध्यात्मिक आयोजन के लिए विद्यालय परिवार और ग्रामवासियों ने सहजयोग संस्था का आभार व्यक्त किया।
सहजयोग की स्थापना और वैश्विक विस्तार
नागदा के सहजयोग समन्वयक श्री जगदीश वाधवा ने जानकारी देते हुए बताया कि
सहजयोग की स्थापना सन 1970 में परम पूज्य माताजी श्री निर्मला देवी जी द्वारा की गई थी।
आज दुनिया के 120 से अधिक देशों में करोड़ों लोग सहजयोग ध्यान के माध्यम से
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मानसिक शांति
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शारीरिक स्वास्थ्य
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और आध्यात्मिक उत्थान
प्राप्त कर रहे हैं।
नागदा में सहजयोग ध्यान केंद्र आदिनाथ कॉलोनी स्थित केंद्र में प्रतिदिन सक्रिय है।
यहां प्रत्येक रविवार सुबह 10:00 से 11:00 बजे तक निःशुल्क ध्यान सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिसमें हर आयु वर्ग के लोग नियमित रूप से भाग लेते हैं।
सहजयोग ध्यान – आज की पीढ़ी के लिए क्यों आवश्यक?
विशेषज्ञों के अनुसार सहजयोग
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बच्चों की एकाग्रता बढ़ाता है
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गुस्सा और तनाव कम करता है
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मन में शांति लाता है
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स्मरण शक्ति बढ़ाता है
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पढ़ाई और व्यवहार दोनों में सुधार करता है
यही कारण है कि देशभर के स्कूलों-कॉलेजों में सहजयोग ध्यान कार्यक्रम तेजी से अपनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की तिथि एवं रिपोर्टर विवरण
📅 दिनांक: 29 नवंबर 2025
📝 रिपोर्टर: महेंद्र जैन
📞 मोबाइल: 94259 87753


