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Grasim Janseva Trust और BAIF Livelihoods की कृषि पहल सफल : नागदा में जैस्मीन खेती से किसानों को नई आय का अवसर |

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Published On: 30 November 2025
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नागदा में खिली खुशहाली की नई कली – किसानों ने थामी जैस्मीन (चमेली) खेती की कमान

नागदा। क्षेत्र के किसानों की आर्थिक मजबूती और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक नई पहल ने जन्म लिया है। ग्रेसिम जनसेवा ट्रस्ट (सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग – CSR) और बाएफ लाइवलीहुड्स, मध्य प्रदेश द्वारा संचालित समुत्थानशील एवं सतत् कृषि विकास कार्यक्रम (द्वितीय चरण) तथा प्रोजेक्ट कृषि नायक के तहत नागदा क्षेत्र में जैस्मीन (चमेली) की वाणिज्यिक खेती को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल के माध्यम से ग्राम बेरछा, कलसी, अमलावादिया और बिरियाखेड़ी के किसानों के लिए खुशहाली की नई राह तैयार हो रही है।

12 किसानों को मिला जैस्मीन खेती का लाभ – नई आजीविका का नया अध्याय

कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 12 चयनित किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले जैस्मीन पौधों का सहयोग दिया गया है। यह समर्थन न केवल उन्हें फूलों की वाणिज्यिक खेती की ओर अग्रसर करेगा, बल्कि किसान परिवारों के लिए स्थायी और निरंतर आय का नया साधन बनेगा।
यह पहल क्षेत्र में फूलों की खेती का क्लस्टर विकास करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का प्रयास है।

5640 प्रीमियम किस्म के जैस्मीन पौधे महाराष्ट्र के जवाहर से पहुंचे

फूलों की खेती की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए कार्यक्रम के द्वारा जवाहर (महाराष्ट्र) से कुल 5640 जैस्मीन के पौधे मंगवाए गए। चयनित किसानों को प्रति किसान 470 पौधे उपलब्ध कराए गए, जो लगभग 750 वर्गमीटर क्षेत्र में लगाए जाएंगे।
ये पौधे ऐसी किस्म के हैं जो अधिक उत्पादन, अच्छी खुशबू, बाजार मांग और लंबी अवधि के फूल उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

यह पहल किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ फूलों की हाई वैल्यू कृषि अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है, जो कृषि आय को दोगुना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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जैस्मीन खेती: तकनीकी जानकारी, रोपण तकनीक और पैकेज ऑफ प्रैक्टिस

जैस्मीन की खेती तकनीक-आधारित होती है और सही प्रबंधन से इसका उत्पादन कई गुना तक बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों द्वारा किसानों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया जिसमें मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

रोपण का उपयुक्त समय

जुलाई से नवंबर महीना जैस्मीन पौधरोपण के लिए सबसे आदर्श माना जाता है।

प्रति पौधा आवश्यक उर्वरक मात्रा

  • गोबर खाद – 5 किलोग्राम

  • नाइट्रोजन – 60 ग्राम

  • फॉस्फोरस – 120 ग्राम

  • पोटाश – 120 ग्राम (दो खुराक में)

इन उर्वरकों का संतुलित उपयोग पौधे की तीव्र वृद्धि, अधिक कलियों और उच्च उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कटिंग एवं प्रूनिंग का महत्व

समय-समय पर की गई प्रूनिंग से पौधे स्वास्थ्यपूर्ण रहते हैं और उनमें नई शाखाओं के साथ फूलों की संख्या बढ़ती है, जिससे कुल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

किसानों का प्रक्षेत्र भ्रमण – महाराष्ट्र के विशेषज्ञ फूल किसानों से सीधी बातचीत

जैस्मीन पौधों के वितरण से पूर्व किसानों को महाराष्ट्र के जवाहर क्षेत्र में प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया। वहाँ उन्होंने फूल उत्पादक अनुभवी किसानों से मुलाकात कर सीखा कि—

  • वाणिज्यिक स्तर पर जैस्मीन की सफल खेती कैसे की जाती है?

  • बाजार की मांग और मूल्य के अनुसार किस तरह उत्पादन और बिक्री बढ़ाई जाती है?

  • पौध प्रबंधन, सिंचाई तकनीक और जैविक खाद उपयोग के सर्वोत्तम तरीके कौन-से हैं?

इस भ्रमण ने किसानों को नई दिशा, नई ऊर्जा और नई तकनीकी समझ प्रदान की, जिससे वे जैस्मीन खेती अपनाने के प्रति अधिक उत्साहित दिखाई दिए।

विस्तृत प्रशिक्षण के बाद पौध वितरण

पौध वितरण कार्यक्रम में ग्रेसिम जनसेवा ट्रस्ट, केमिकल डिवीजन के महाप्रबंधक सागर खदद्दा, ग्रामीण विकास अधिकारी अजय नगर, एसएफडी डीवीजन के क्लस्टर हेड जीवन पोरवाल, प्रबन्धक अरविन्द सिंह सिकरवार, बाएफ लाइवलीहुड्स के राज्य प्रमुख पवन पाटीदार, रीजनल इंचार्ज जे.एल. पाटीदार उपस्थित रहे।

इस मौके पर एफपीओ समन्वयक अभिराज कांबोज तथा परियोजना टीम के सदस्य राहुल अडलक, रविन्द्र पाटीदार, रामबाबु राठोर और लोकेन्द्र सिंह राजपूत भी मौजूद थे।
सभी प्रतिभागी किसानों ने प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए जैस्मीन खेती को अपने भविष्य की मजबूत आजीविका मानकर जिम्मेदारी पूर्वक इसकी शुरुआत की।

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किसानों में नई आशा – वर्षभर आय का अवसर

जैस्मीन की बाजार में लगातार उच्च मांग रहती है। स्थानीय बाजार हो या शहरों के फूल मंडियां, जैस्मीन हमेशा ऊँचे दाम पर बिकता है।

इससे किसानों को:

  • वर्षभर फूल उत्पादन

  • बाज़ारों में स्थिर मांग

  • नियमित अतिरिक्त आय

  • उच्च लाभ के अवसर

प्राप्त होंगे।

यह पहल नागदा क्षेत्र में फूलों की वाणिज्यिक खेती के नए अध्याय की शुरुआत है, जो आने वाले समय में किसानों के आर्थिक विकास का मजबूत आधार साबित होने जा रही है।


दिनांक : 30/11/2025

रवि पाटीदार
मो. 89660 57355

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