गंगापुर सिटी में जैन समाज की अचल संपत्ति पर फर्जी पट्टा जारी: जैन समाज में भारी आक्रोश, दोषियों पर एफआईआर
गंगापुर सिटी, 28 नवंबर।
गंगापुर सिटी में दिगंबर जैन समाज की अचल संपत्ति पर फर्जी तरीके से पट्टा जारी होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे जैन समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। जैन समाज ने उप जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए फर्जी पट्टा निरस्त करने एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जैन मंदिर के पास स्थित पंजीकृत संपत्ति पर फर्जीवाड़ा
घी वाली गली में स्थित दिगंबर जैन मंदिर के पास की यह अचल संपत्ति देवस्थान विभाग, जयपुर में विधिवत पंजीकृत है। इस संपत्ति पर बनी दुकानें वर्ष 1963 से जैन मंदिर प्रबंधन द्वारा किराए पर दी गई हैं। सभी मूल दस्तावेज जैन समाज के पास उपलब्ध हैं। दुकान की ऊपरी मंजिल पर मंदिर का सेवादार अपने परिवार सहित लंबे समय से निवास कर रहा है।
जैन समाज धर्म प्रचारक राजेश जैन दद्दू के अनुसार, इसके बावजूद स्थानीय निवासी राधेश्याम, रमेश, देवकीनंदन, दिनेश और राजेश (मधुबन परिवार) ने इस भूमि को गलत तरीके से अपनी बताकर, अपने परिचितों गिरिराज पट्रूप नारायण महाजन और शिवचरण पुत्र मदनलाल से झूठे शपथ पत्र दिलवाए। इसके आधार पर नगर परिषद से मिलीभगत कर उन्होंने पट्टा संख्या 633, दिनांक 4/5/2022 अपने नाम करवा लिया।
जैन समाज का आरोप है कि नगर परिषद ने बिना किसी जांच–पड़ताल के, सिर्फ सेटिंग और मिलीभगत के तहत यह पट्टा जारी कर दिया।
बिजली कनेक्शन के दौरान खुला फर्जी पट्टे का राज
कुछ दिनों पूर्व दिगंबर जैन समाज द्वारा दुकान में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया गया। जब विद्युत विभाग के कर्मचारी मीटर लगाने पहुंचे तो रमेश पुत्र सूरजमल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि दुकान उनकी है और उसके नाम नगर परिषद का पट्टा है।
यह सुनकर जैन समाज के पदाधिकारी हैरान रह गए। जांच करने पर पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया, जिससे समाज में रोष व्याप्त हो गया।
जैन समाज का प्रतिनिधि मंडल प्रशासन से मिला
20 नवंबर को दिगंबर जैन समाज का प्रतिनिधि मंडल, अध्यक्ष प्रवीण गंगवाल के नेतृत्व में, उप जिला कलेक्टर वीरेंद्र मीणा और थानाधिकारी करण सिंह से मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत करवाई।
इस दौरान राधेश्याम, रमेश, मधुबन परिवार आदि ने पुलिस के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए, बहुत जल्द पट्टा खारिज करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन 7 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर जैन समाज का आक्रोश और बढ़ गया है।
उप जिला कलेक्टर को ज्ञापन, दोषियों के खिलाफ एफआईआर
आज दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण गंगवाल के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उप जिला कलेक्टर बृजेंद्र मीणा से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ सदस्य—
सुभाष जैन पांड्या, नरेंद्र जैन गंगवाल, अरिहंत जैन बोहरा, सुमेर जैन सोनी, डॉ. मनोज जैन, राजेश गंगवाल, कृष्णकुमार जैन, मनोज जैन साह, लोकेश जैन सोगानी, सौरभ जैन गंगवाल, मुकेश गोधा, रमेश जैन, शिक्षा अधिकारी आलोक कबाड़ी सहित दर्जनों जैन बंधु उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर उप जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट मांग रखी कि—
- नगर परिषद द्वारा जारी फर्जी पट्टा तुरंत रद्द किया जाए
- इस पूरे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच हो
- संबंधित अधिकारियों और दोषियों पर FIR के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाए
इसी के साथ थाना अधिकारी के समक्ष जैन समाज की ओर से विवाद का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।
जैन समाज ने चेताया—कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि—
“यह मामला सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि धार्मिक ट्रस्ट की पवित्र संपत्ति पर कब्जा करने की नापाक कोशिश है। यदि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की तो समाज आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा।”
समाज ने साफ कहा कि अब कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है।
निष्कर्ष
गंगापुर सिटी का यह फर्जी पट्टा मामला एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जैन समाज की अचल संपत्ति पर फर्जीवाड़ा कर पट्टा जारी करना न सिर्फ अपराध है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसा भी है। समाज ने जिस एकजुटता के साथ कार्रवाई की मांग की है, वह इस विवाद को बड़ा रूप देने की ओर संकेत करती है।


