इंदौर : इंदौर के एमवाय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है, जब हत्या का आरोपी विशाल खरदे, जो 23 नंबर वार्ड में भर्ती था, चौथी मंज़िल से मचान पकड़कर आसानी से फरार हो गया। वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे गार्ड की उपस्थिति नदारद थी, और पुलिस चौकी व अस्पताल का सुरक्षा तंत्र भी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में नाकाम रहा। इस दौरान आरोपी ने वार्ड से बाहर निकलकर बालकनी से मचान पकड़ लिया और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुनौती दी।
घटना इस बात का प्रतीक है कि अस्पताल में मौजूद सैकड़ों सुरक्षा गार्ड, थाने की नाक, डीआरपी लाइन की निगरानी—सबके सामने आरोपी ने आसानी से बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह चुनौती देना दर्शाता है कि व्यवस्थाएं सिर्फ “ड्यूटी पर मौजूद होने” की दिखावा मात्र बनकर रह गई हैं। वार्ड में गार्ड की अनुपस्थिति, पुलिस की चुप्पी और सुरक्षा तंत्र की निष्क्रियता ने आरोपी को फरार होने का मौका दे दिया।

पुलिस अब तीन थाना क्षेत्रों में आरोपी की तलाश कर रही है, लेकिन यह घटना अस्पताल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सैकड़ों गार्ड और सुरक्षा निगरानी तंत्र के बावजूद आरोपी का फरार होना यह दिखाता है कि यहाँ कैदी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था ही फेल हुई। एमवाय अस्पताल में यह दूसरी बार है जब सुरक्षा के गंभीर सवाल उठे हैं। इस घटना ने यह भी साबित कर दिया कि सुरक्षा के नाम पर तंत्र केवल मौजूद दिखता है, असल में वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहता है।
