रायपुर। राजधानी रायपुर आज से देश के सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा सम्मेलन—DGP-IGP कॉन्फ्रेंस—की मेजबानी कर रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, NSA अजीत डोभाल सहित देशभर के सुरक्षा और पुलिस संगठनों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन आज दोपहर 2 बजे होगा, जिसके बाद देर रात 8 बजे तक लगातार उच्चस्तरीय बैठकें चलेंगी। इस दौरान आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र की मजबूती और भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
‘सुरक्षित भारत’ के लिए बनेगा नया रोडमैप
सम्मेलन के दौरान देशभर की पुलिसिंग चुनौतियों की समीक्षा की जाएगी। मुख्य एजेंडा में—
- लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म
- काउंटर टेररिज्म ऑपरेशंस
- डिजास्टर मैनेजमेंट
- महिला सुरक्षा
- फोरेंसिक साइंस और AI आधारित पुलिसिंग
- जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस कॉन्फ्रेंस को भारत की सुरक्षा व्यवस्था का मास्टर प्लान तैयार करने वाले मंच के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी पहुंचे रायपुर
कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए कई केंद्रीय बलों के प्रमुख रायपुर पहुंच चुके हैं, जिनमें—
- CRPF DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह
- BSF DG दलजीत सिंह चौधरी
- CISF DG प्रवीर रंजन
- ITBP DG प्रवीण कुमार
- SSB DG संजय सिंघल
- NSG DG ब्रीघू श्रीनिवासन
- असम राइफल्स DG ले. जनरल विकास लखेरा:
- साथ ही IB डायरेक्टर तपन कुमार डेका, BPRD DG राजीव कुमार शर्मा, NCRB निदेशक आलोक रंजन, और NDRF DG पीयूष आनंद भी सम्मेलन में मौजूद हैं।
गृहमंत्री शाह से मुलाकात, नक्सलवाद पर अहम चर्चा :
सम्मेलन से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की। मुलाकात में नक्सल उन्मूलन और राज्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
NSA अजीत डोभाल भी रायपुर पहुंच गए हैं और सीधे IIM रायपुर के लिए रवाना हुए, जहां प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सहित शीर्ष अधिकारियों की बैठक होगी।
तीन दिनों तक रायपुर में हाई अलर्ट :
गृहमंत्री अमित शाह कुछ देर में IIM रायपुर रवाना होंगे। उनके रुट को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर रूट डायवर्जन और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है।
यह सम्मेलन रायपुर के लिए न केवल सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।
