MP News: सीएम बोले—ऑनलाइन गीता प्रतियोगिता और गीता पाठ में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित की जाए
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी 1 दिसंबर को होने वाली अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती और गीता महोत्सव 2025 की व्यापक तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि ऑनलाइन गीता प्रतियोगिता, गीता पाठ, और गीता आधारित गतिविधियों में आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रीमद्भगवद्गीता का सार्वभौमिक संदेश जन-जन तक पहुँचे।
सीएम यादव ने यह समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला कलेक्टरों व पुलिस अधिकारियों के साथ की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती 1 दिसंबर: प्रदेशभर में होंगे भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता जयंती 2025 पर आयोजित हो रहे कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना को बढ़ाने वाले होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले, हर विकासखंड और सभी संभागीय मुख्यालयों में सुसंगठित और प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किए जाएं।
ऑनलाइन गीता ज्ञान प्रतियोगिता: 28 नवंबर तक www.geetamahotsav.com पर होगी प्रविष्टि
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीमद्भगवद्गीता ऑनलाइन ज्ञान प्रतियोगिता 2025 में प्रवेश 28 नवंबर तक www.geetamahotsav.com पर किया जा सकता है। इसमें तीन श्रेणियों में भाग लिया जा सकता है —
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छात्र वर्ग
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सामान्य नागरिक
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वरिष्ठ नागरिक / विशेष श्रेणी
तीनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार तय किए गए हैं, जिनका वितरण 26 जनवरी 2026 को होगा। सीएम ने कलेक्टरों से कहा कि इस प्रतियोगिता में स्कूल–कॉलेजों के विद्यार्थियों, माता-पिता, शिक्षकों और सामान्य नागरिकों को बड़ी संख्या में जोड़ें।
CM Mohan Yadav ने कहा—गीता के संदेश का व्यापक प्रसार करें
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन का विज्ञान और मानवता का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा—
“गीता पाठ और गीता प्रतियोगिताओं से विचार प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव आता है। हमें प्रदेश में गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।”
सीएम ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में
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गीता के अध्यायों की हिंदी और संस्कृत में प्रतियां वितरित की जाएं
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क्विज, निबंध, वाद-विवाद और वक्तृत्व प्रतियोगिताएं आयोजित हों
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स्कूलों व कॉलेजों में गीता सार के संक्षिप्त सत्र रखे जाएं
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गाँवों और नगरों में सामूहिक गीता पाठ कराया जाए
प्रदेशभर में होगा 15वें अध्याय का सामूहिक गीता पाठ
1 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय, विकासखंड, और संभागीय मुख्यालयों में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ सामूहिक रूप से किया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि यह पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव कल्याण के संदेश का प्रसार है। गीता के 15वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन, कर्म, और मोक्ष का मार्ग सरल शब्दों में समझाया है।
वीर भारत न्यास आयोजित करेगा गीता पाठ व प्रतियोगिताएं
वीर भारत न्यास इस बार गीता जयंती पर
- सामूहिक गीता पाठ
- गीता ज्ञान प्रतियोगिता
- गीता श्लोक गायन
- अध्याय-दर-अध्याय सार प्रस्तुति
जैसे कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसमें स्कूलों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
अभ्युदय मध्य प्रदेश समिट: निवेश और रोजगार पर भी चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री ने अभ्युदय मध्य प्रदेश (गवर्नेंस एंड ग्रोथ समिट) के आगामी आयोजन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की। यह कार्यक्रम 25 दिसंबर को ग्वालियर में होगा। इसमें
- उद्योगपतियों
- निवेशकों
- युवा उद्यमियों
- सरकारी विभागों
की भागीदारी रहेगी, जिसके माध्यम से निवेश से रोजगार निर्माण के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
कलेक्टरों को CM के स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों के लिए निम्न निर्देश दिए—
1. गीता प्रतियोगिता में अधिक से अधिक प्रविष्टियाँ करवाएं
ऑनलाइन गीता क्विज में स्कूल, कॉलेज और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
2. सामूहिक गीता पाठ को सफल बनाएं
1 दिसंबर को होने वाले अध्याय–15 के पाठ में समाज के सभी वर्गों को जोड़ें।
3. प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दें
सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों के द्वारा गीता महोत्सव का प्रचार बढ़ाएं।
4. धार्मिक–सांस्कृतिक संस्थाओं को जोड़ा जाए
गीता के प्रसार में मंदिर समितियों, सांस्कृतिक मंचों, शिक्षण संस्थानों को शामिल करने पर जोर दें।
गीता महोत्सव से जागेगी आध्यात्मिक चेतना: CM
सीएम ने कहा कि गीता महोत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज के संस्कारों को मजबूत बनाने वाला अवसर है। यह लोगों में—
- आत्मविश्वास
- कर्तव्यपरायणता
- सकारात्मक सोच
- आध्यात्मिक संतुलन
जैसी भावनाओं को बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि यदि गीता जयंती पर लाखों लोग एक साथ गीता पाठ करेंगे, तो यह मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा।
स्कूलों में गीता अध्ययन सप्ताह भी मनाया जाएगा
शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक गीता अध्ययन सप्ताह मनाया जाए। इसमें—
- गीता श्लोक प्रतियोगिताएं
- गीता सार वाचन
- गीता आधारित नाटक
- चित्रकला प्रतियोगिता
- निबंध लेखन और क्विज
- जैसे कार्यक्रम होंगे।
लाखों लोग जुड़ेंगे—प्रदेश तैयार
जिला प्रशासन से प्राप्त प्राथमिक सूचना के अनुसार—
- प्रदेश में 6,000+ स्थानों पर गीता पाठ
- 10 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता
- 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों की प्रतियोगिताओं में भागीदारी
- सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर प्रचार अभियान
चलाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष: मध्यप्रदेश में गीता महोत्सव बनेगा सांस्कृतिक अभियान
MP News की इस विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता जयंती को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्यव्यापी सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
ऑनलाइन गीता प्रतियोगिता, सामूहिक गीता पाठ, और विद्यार्थी–जन सहभागिता पर विशेष फोकस करते हुए मध्यप्रदेश गीता के ज्ञान, नैतिकता और कर्तव्यबोध को व्यापक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।


