इंदौर। मध्यप्रदेश में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) के दौरान साइबर अपराधियों ने नया फ्रॉड तरीका अपनाया है। ठग वेरिफिकेशन या फॉर्म पूरा कराने के नाम पर लोगों से OTP मांगकर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
मतदाता सूची अपडेट का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं। वहीं, ठग सरकारी प्रक्रिया का बहाना बनाकर कॉल कर लोगों से OTP मांगते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति OTP साझा करता है, अपराधी उसके मोबाइल और बैंकिंग खाते तक पहुंच बना लेते हैं और आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस पर एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि SIR फॉर्म भरने में किसी भी प्रकार का OTP नहीं मांगा जाता। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी अनधिकृत व्यक्ति को OTP न देने की अपील की।
महत्वपूर्ण निर्देश और सावधानियां:
- SIR टोल-फ्री नंबर: जानकारी के लिए 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
- OTP न दें: बीएलओ या कोई अधिकारी OTP नहीं मांग सकता।
- 2003 की मतदाता जानकारी: क्षेत्रीय बीएलओ या हेल्पडेस्क, या ऑनलाइन voters.eci.gov.in
और ceoelection.mp.gov.in
से प्राप्त करें। - प्रक्रिया निःशुल्क: किसी भी प्रकार की फीस या प्रोसेसिंग चार्ज देने के लिए कहे जाने पर सतर्क रहें।
- साइबर सुरक्षा: सोशल मीडिया या WhatsApp लिंक न खोलें। ऑटो-सेव बंद रखें, काम खत्म होने पर ब्राउज़र हिस्ट्री और कैश साफ करें, और लॉगआउट करना न भूलें।
- संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in
या हेल्पलाइन 1930 पर।
क्राइम ब्रांच ने चेताया है कि जागरूकता ही ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
