मोहाली। मोहाली के डेराबस्सी क्षेत्र में चंडीगढ़–अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार दोपहर पुलिस ने एक व्यापक और योजनाबद्ध अभियान चलाया। ऑपरेशन का लक्ष्य था—लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करना, जो स्टील स्ट्रिप्स टावर्स के पास एक मकान में छिपे हुए थे।
पुलिस टीम को जैसे ही आरोपियों की लोकेशन की पुष्टि हुई, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और एसएएस नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम घर के अंदर प्रवेश करने वाली थी, आरोपियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले से स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और तुरंत पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला।

करीब कुछ मिनट तक दोनों ओर से गोलियां चलती रहीं। इस मुठभेड़ में गिरोह के दो शूटरों को गोली लगी, जिसके बाद वे घायल होकर नीचे गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसबल ने स्थिति को काबू में करते हुए चारों आरोपियों को बिना किसी और नुकसान के गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गैंग विदेश में बैठे अपने हैंडलर के माध्यम से ऑपरेट कर रहा था। आरोपियों को बाहरी नेटवर्क से लगातार निर्देश मिल रहे थे और वे ट्राइसिटी—मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला—सहित पटियाला क्षेत्र में टारगेटेड हत्याओं और बड़े हमलों की योजना बना रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों और उनके संभावित हमले का इनपुट प्राप्त हुआ था। इसी जानकारी के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया, जिससे एक बड़ी वारदात होने से पहले ही रोक ली गई। पुलिस ने कहा कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
