धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बोले— “मुगलों की छाती पर फहराया भगवा, कब्र से उठकर देख ले बाबर”; शिवपुरी कथा में दिया बड़ा बयान
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में चल रही कथा के दौरान बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर पर फहराई गई धर्म ध्वजा को हिंदू इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सनातनी अस्मिता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने मुगलों और बाबर को लेकर तीखा बयान दिया, जिसने राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा दी है।
“मुगलों की छाती पर फहराया भगवा”— शिवपुरी कथा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान
शिवपुरी में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा:
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“अयोध्या राम मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धर्म ध्वजा फहराना एक ऐतिहासिक पल है।”
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“मुगलों की छाती पर भगवा फहराया गया है।”
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“बाबर कब्र से उठकर देख ले कि राम मंदिर वहीं बनाया गया है।”
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी “हरे झंडे” की कल्पना की जाती थी, आज वही स्थान रामलला के मंदिर और भगवा ध्वज से सुशोभित हो चुका है। यह सनातन की विजय और देश की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है।
राम मंदिर धर्म ध्वजा पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी — “ऐतिहासिक क्षण, करोड़ों श्रद्धालुओं के सपने पूरे हुए”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि:
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धर्म ध्वजा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि
“सनातन संस्कृति, रामभक्ति और हिंदू आस्था की शाश्वत विजय का प्रतीक” है। -
उन्होंने बताया कि रामलला के भव्य और दिव्य मंदिर पर यह ध्वजा फहराना 500 वर्षों के संघर्ष और बलिदान का फल है।
इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ध्वजारोहण करना अपने आप में ऐतिहासिक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव का क्षण है।
मथुरा विवाद पर सीधा संदेश: “कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”
कथा के मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने मथुरा कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर भी टिप्पणी की:
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“कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।”
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“किसी को परेशानी है तो वो खिसक ले।”
उनका यह बयान भी तेजी से चर्चा में है, क्योंकि मथुरा का मुद्दा इस समय कोर्ट में विचाराधीन है।
शहीद परिवारों का सम्मान— ‘जब ये जवान जागते हैं, तभी हम सो पाते हैं’
कथा के दौरान शास्त्री जी ने शहीद परिवारों को विशेष सम्मान दिया। उन्होंने शहीद परिवारों से आरती करवाई और कहा:
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“शहीदों के परिवारों को केवल मंचों पर सम्मान मिलता है, जमीनी स्तर पर नहीं।”
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“हर गांव में लोग शहीद परिवारों को सर्वोच्च स्थान दें— क्योंकि उनके बलिदान की वजह से देश सुरक्षित है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ये जवान सीमा पर जागकर देश की रक्षा न करते, तो हजारों परिवार अपने बेटों को खो सकते थे।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राजनीतिक बयानों की बारिश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस का बयान: ‘देश संविधान से चलता है’
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा:
- “भारत का संचालन संविधान से होता है, न कि ऐसे बयानों से।”
- धीरेंद्र शास्त्री एक धार्मिक गुरु हैं, यह उनके व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं।
- “मथुरा का मामला न्यायालय में है, ऐसे में किसी को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।”
- “अदालत जैसा निर्णय करेगी, वही सभी को मानना होगा।”
कांग्रेस ने यह भी कहा कि धार्मिक मुद्दों को भड़काने के बजाय लोगों को कानून और न्याय प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया: ‘यह सनातन भावनाओं का उत्सव है’
भाजपा प्रवक्ता वाणी आहुवालिया ने शास्त्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा:
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“राम मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना स्वयं में ऐतिहासिक है।”
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धीरेंद्र शास्त्री धार्मिक व्यक्तित्व हैं और उनकी भावनाएं स्वाभाविक हैं।
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“सरकार संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है।”
भाजपा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद लोगों की भावनाएं स्वाभाविक रूप से उभर रही हैं।
राम मंदिर, ध्वजारोहण और धार्मिक ध्रुवीकरण — सामाजिक और राजनीतिक असर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की लोकप्रियता और उनके वक्तव्य अक्सर राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करते हैं।
इस बार भी उनके बयान से कई मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है:
- राम मंदिर का ध्वजारोहण एक राष्ट्रीय भावनात्मक मुद्दा
- बाबर और मुगलों को लेकर टिप्पणियां राजनीतिक विवाद जन्म देती हैं
- मथुरा विवाद अभी संवेदनशील और कोर्ट में लंबित
- धर्म व राजनीति के बीच सीमाओं पर फिर बहस
क्यों चर्चा में रहते हैं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री:
- अपनी कथाओं, दिव्य दरबार और धार्मिक वक्तव्यों के लिए जाने जाते हैं
- युवाओं में विशेष लोकप्रियता रखते हैं
- कई बार विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं
- उनके कार्यक्रमों में लाखों की भीड़ उमड़ती है
शिवपुरी की कथा में भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जो उनके प्रभाव को दर्शाता है।
राम मंदिर और हिन्दू धार्मिक भावना— धीरेंद्र शास्त्री का दृष्टिकोण
उन्होंने कथा में स्पष्ट कहा:
- राम मंदिर केवल एक इमारत नहीं, यह देश का गर्व है
- यह 500 वर्ष के संघर्ष और सनातन के सम्मान की पुनर्स्थापना है
- भगवा ध्वजा ‘धर्म, राष्ट्र और संस्कृति’ का प्रतीक है
- यह क्षण संपूर्ण भारतवर्ष की आस्था का उत्सव है
समापन: बयान से उठे सवाल, लेकिन कथन बना सुर्खियों का केंद्र
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान
“मुगलों की छाती पर भगवा फहराया गया”
और
“कब्र से उठकर देख ले बाबर”
ने देशव्यापी चर्चा को जन्म दे दिया है।
एक ओर उनके समर्थक इसे सनातन की विजय और सांस्कृतिक पुनर्जागरण बता रहे हैं,
वहीं विपक्ष इसे संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के विरुद्ध मान रहा है।
लेकिन इतना तय है कि शिवपुरी की कथा से निकला यह बयान
Madhya Pradesh News, Ram Mandir News और भारतीय राजनीति—तीनों का मुख्य विषय बन चुका है।
