भोपाल: मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने 1 दिसंबर से सभी मंत्रियों को अपने पिछले दो साल के काम का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने का आदेश दिया है। अब विभाग के अफसर नहीं, स्वयं मंत्री ही सीएम के सामने अपनी उपलब्धियों का रिव्यू देंगे।
सूत्रों के अनुसार यह पहल सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव का आधार भी बनेगी। 13 दिसंबर को सरकार के दो साल पूरे होने पर सीएम हर मंत्री के प्रदर्शन को आंकेंगे। यह प्रेजेंटेशन एक सप्ताह तक चलेगा और शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर के दौरान ही कराया जाएगा।

मध्य प्रदेश में वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार पद खाली हैं। पिछली बार जुलाई 2024 में कांग्रेस के छह बार विधायक रामनिवास रावत भाजपा में शामिल होकर मंत्री बने थे, लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा।
सूत्रों का कहना है कि सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट पहले ही तैयार किया जा चुका है। 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर ही मोहन यादव ने संकेत दे दिए थे कि मंत्रिमंडल में बदलाव संभव हैं। इस कदम के पीछे सरकार की कोशिश है कि अमित शाह के दौरे से पहले प्रशासन पूरी तरह तैयार दिखे।
