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शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू , सरकार लाएगी 10 नए विधेयक

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Published On: 26 November 2025
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नई दिल्ली। लगातार हंगामे के कारण बाधित हो रहे संसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों को बातचीत की मेज पर लाने की पहल शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इसी क्रम में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सरकार की कोशिश है कि शीतकालीन सत्र की कार्यवाही बिना रुकावट के चले और इस पर व्यापक सहमति बने।

गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने वाला है। सरकार इस सत्र में 10 नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण ‘परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025’ है, जो देश के नागरिक परमाणु क्षेत्र को पहली बार निजी कंपनियों के लिए खोलने का मार्ग प्रशस्त करेगा। अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहा है। सरकार का तर्क है कि यह नया कानून परमाणु ऊर्जा के उपयोग और नियमन से जुड़े ढांचे को अधिक आधुनिक, सक्षम और प्रभावी बनाएगा। इससे ऊर्जा उत्पादन और तकनीकी विकास की गति बढ़ने की उम्मीद है।

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उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी :

सत्र के एजेंडे में ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल’ भी शामिल है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, यह प्रस्तावित आयोग विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्तता देगा, उन्हें स्वतंत्र और स्व-शासित संस्थान बनने में सहायता करेगा तथा मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाएगा। यह प्रस्ताव लंबे समय से सरकार की योजना में है और अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

सड़कों, कंपनियों और बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन:

सरकार कई पुराने कानूनों को सरल और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। इनमें प्रमुख बिल हैं—

नेशनल हाईवेज (संशोधन) बिल: राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाना।

कॉरपोरेट लॉज़ (संशोधन) बिल, 2025: कंपनियों अधिनियम 2013 और एलएलपी एक्ट 2008 में बदलाव कर ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देना।

सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, 2025: सेबी अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और प्रतिभूति अनुबंध विनियमन अधिनियम—इन तीनों को मिलाकर एकत्रित सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बनाना, जिससे बाजार संबंधी नियम अधिक सरल और समान हो सकें।

मध्यस्थता कानून में भी बदलाव की तैयारी :

सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में संशोधन पर भी विचार कर रही है। इस कानून की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है, ताकि अधिक स्पष्टता लाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों और सेक्शन 34 में संशोधन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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