—Advertisement—

श्री मज्जिनेन्द जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा: उदार सागर जनकल्याण तीर्थ बड़ागांव में जन्म कल्याणक महोत्सव व दिव्यांग कैंप सम्पन्न

Author Picture
Published On: 25 November 2025
1 2

—Advertisement—

श्री मज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा: उदार सागर जनकल्याण तीर्थ बड़ागांव में ज न्म कल्याणक महोत्सव भव्यता के साथ सम्पन्न

टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध जैन सिद्ध क्षेत्र बड़ा गांव स्थित उदार सागर जनकल्याण तीर्थ पर आयोजित श्री मज्जिनेन्द जन बिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव अंतर्गत तीसरे दिवस का जन्म कल्याणक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुशासित और दिव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन 23 से 30 नवंबर तक विशाल स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

आचार्य श्री उदारसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में संपन्न हो रहा यह महोत्सव न केवल आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है, बल्कि सेवा, संस्कार और जनकल्याण के अनेक अभियानों को भी नई दिशा दे रहा है।

2 2

प्रातःकालीन कार्यक्रम: मंत्र-आराधना से लेकर शांति-धारा तक

जन्म कल्याणक की पावन बेला प्रातः 6:00 बजे प्रारंभ हुई।
इस दौरान—

  • मंत्र आराधना
  • नित्य मय अभिषेक
  • शांति धारा
  • नित्य पूजा

की विधियाँ सौम्य व भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुईं।

तीर्थ परिसर में हजारों की उपस्थिति के बीच आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का अनूठा प्रवाह देखने को मिला।

8:16 बजे आदि कुमार का जन्म – जन्मातिशय हवन ने बढ़ाया दिव्य वैभव

ठीक 8:16 बजे दिव्य ध्वनियों और जयघोषों के साथ बालक आदि कुमार का जन्मोत्सव मनाया गया।
जन्म के साथ ही जन्मातिशय हवन सम्पन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने धर्मभाव, आराधना और उत्साह के साथ भाग लिया।

इसके तुरंत बाद 9:15 बजे आचार्य श्री उदारसागर जी महाराज ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंचकल्याणक केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा के उत्थान, लोककल्याण और सामूहिक सद्भाव का संदेश है।

धर्मसभा में आचार्य श्री ने आत्मजागृति, संयम, अहिंसा, त्याग और समाज सेवा के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

3 1

विराट दिव्यांग कैंप का शुभारंभ – मानव सेवा का अद्वितीय उपक्रम

महोत्सव का सबसे उल्लेखनीय और जनकल्याणकारी पक्ष रहा विराट दिव्यांग कैंप, जिसका उद्घाटन समाजसेवी राजकुमार पहाड़िया (असम) द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर महोत्सव अध्यक्ष श्री महेंद्र सिंघई ने कहा:

“धीरेंद्र सिंघई के संयोजन में, तरुण मित्र परिषद दिल्ली के माध्यम से यह दिव्य एवं भव्य दिव्यांग कैंप समाज सेवा की मिसाल बन रहा है। न केवल जिला, बल्कि संभाग भर के पीड़ितजन यहां लाभ प्राप्त कर रहे हैं।”

परिषद अध्यक्ष अशोक जैन ने बताते हुए कहा कि यह सेवा कार्य नरेंद्र कुमार जैन एवं पुष्प जैन की स्मृति में उनकी सुपुत्रियों—बबीता, मंजू और पूनम जैन के सहयोग से साकार हो पाया है।

दिव्यांग कैंप में—

  • कृत्रिम पैलियो,
  • कैलिपर्स,
  • बैसाखियाँ,
  • तथा श्रवणहीन वृद्धजन हेतु श्रवण यंत्र

के लिए लाभार्थियों का चयन व नाप-मापन किया गया। सभी उपकरण दिल्ली स्थित विशेष कार्यशाला में निर्मित कर 6 दिसंबर को इसी स्थल पर प्रदान किए जाएंगे।

इस पुनीत सेवा में आलोक जैन, समकित जैन, दीपक जैन, योगेश जैन, देवेंद्र जैन सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

4

शाम की महाआरती – भक्ति, नृत्य और भावविभोर कर देने वाले दृश्य

महोत्सव का शाम का समय अनुपम भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा।

शाम 7:00 बजे आयोजित महा आरती में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
दूर-दराज़ क्षेत्र से पहुँचे भक्तगण आरती और भक्ति-नृत्य में इस तरह लीन हुए कि सम्पूर्ण परिसर में भक्ति की अविरल धारा बह निकली।

भक्तों की सहभागिता और अद्भुत ऊर्जा से यह क्षण महोत्सव का सबसे आकर्षक और भावनात्मक दृश्य बना।

5

 7:45 बजे शास्त्र सभा प्रवचन

महा आरती के बाद 7:45 बजे शास्त्र सभा एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें धर्म, संयम, तप और पंचकल्याणक की दिव्यता पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

आचार्य श्री के शिष्यगणों द्वारा प्रस्तुत प्रवचन ने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन और धर्मानुराग के लिए प्रेरित किया।

 8:50 बजे – पालना एवं बाल लीला का मोहक मंचन

रात्रि 8:50 बजे जन्मोत्सव का सबसे मनोहारी दृश्य तब सामने आया, जब आदि कुमार का पालना एवं बाल लीला का आकर्षक मंचन प्रस्तुत किया गया।
इस लीला को देखकर हजारों श्रद्धालु भावविभोर, उत्साहित और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठे।

संगीत, नृत्य, सजावट और रोशनी ने जन्म कल्याणक को पौराणिक उत्सव की तरह दिव्यता प्रदान की।

6

 जनकल्याण, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम

उदार सागर जनकल्याण तीर्थ बड़ागांव में चल रहा यह महोत्सव जैन समाज की एकता, सेवा, भक्ति, वैराग्य और संस्कृति का अनुपम प्रतीक बन चुका है।

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा, गजरथ, दिव्यांग कैंप, जन्मोत्सव, पालना लीला—हर कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणादायक दिशा तय कर रहा है।

आचार्य श्री उदारसागर जी महाराज का सानिध्य इस महोत्सव को न केवल आध्यात्मिक शिखर पर पहुँचा रहा है, बल्कि जनकल्याण की नई परम्परा भी स्थापित कर रहा है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp