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“अनंत सिंह विधायकी संकट: जेल में बंद MLA की शपथ प्रक्रिया, पैरोल संभावना और बिहार विधानसभा नियमों पर बड़ा खुलासा 2025”

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Published On: 25 November 2025
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अनंत सिंह की फिर जाएगी विधायकी? जेल में बंद MLA के शपथ नियम पर बड़ा सवाल—जानें कानून क्या कहता है

Anant Singh MLA Oath Rule | Mokama MLA News | Bihar Vidhan Sabha Shapath | Jail Mein Band Vidhayak Shapath | Bihar Politics News

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर बड़ी जीत हासिल करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल में बंद MLA शपथ कैसे लेंगे? और अगर शपथ नहीं ले पाए तो क्या अनंत सिंह की विधायकी फिर से चली जाएगी?

कैबिनेट की बैठक में बिहार विधानसभा सत्र की तारीख तय की जा चुकी है। सत्र शुरू होते ही सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर सभी नव–निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे। लेकिन इसी चरण पर अनंत सिंह की शपथ पर सबसे अधिक संशय बना हुआ है, क्योंकि वे फिलहाल पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। ऐसे में चचार्ओं का केंद्र यही है कि क्या कानून जेल से भी विधायक को शपथ की अनुमति देता है?

जेल में बंद MLA के शपथ लेने का नियम क्या है?

भारत के संविधान और विधानसभा कार्य संचालन नियमों में यह साफ लिखा है कि—

जीत की तारीख से 6 महीने के भीतर शपथ लेना अनिवार्य

किसी भी व्यक्ति को विधानसभा का कानूनी सदस्य तब माना जाता है, जब वह स्पीकर या अधिकृत अधिकारी के सामने शपथ ले लेता है। इसके लिए 6 महीने की समयसीमा दी जाती है। यदि विजयी प्रत्याशी 6 महीनों के भीतर शपथ नहीं ले पाता, तो विधायक पद स्वतः समाप्त हो जाता है।

क्या जेल में बंद MLA विधानसभा में आकर शपथ ले सकते हैं?

हाँ, लेकिन इसके लिए कोर्ट से अनुमति (पैरोल) जरूरी है।
अगर विधायक किसी आपराधिक मामले में जेल में बंद है, तो वह कोर्ट में पैरोल के लिए आवेदन करता है।
अगर कोर्ट अनुमति दे देता है, तो:

  • वह विधानसभा पहुंचेगा

  • स्पीकर के सामने शपथ लेगा

  • और शपथ के तुरंत बाद वापस जेल भेज दिया जाएगा

2020 में अनंत सिंह ने यही प्रक्रिया अपनाई थी।
तब उन्हें सत्र शुरू होते ही पैरोल मिली थी और उन्होंने विधानसभा में जाकर सदस्यता ली थी।

अगर कोर्ट पैरोल न दे तो? क्या विधायक जेल में शपथ ले सकता है?

हाँ, भारतीय संविधान में इसका भी प्रावधान है।

अगर कोर्ट कह दे कि “सुरक्षा या केस की गंभीरता” के कारण पैरोल नहीं दी जा सकती, तो:

 राज्यपाल (Governor) या राज्यपाल द्वारा अधिकृत अधिकारी जेल जाकर शपथ दिला सकते हैं।

यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 188 में उल्लेखित है।
कई मामलों में अधिकारियों ने जाकर शपथ दिलाई है ताकि संविधानिक समयसीमा का पालन हो सके।

यानी अनंत सिंह यदि जेल से बाहर नहीं निकलते, तब भी उनके पास यह व्यवस्था उपलब्ध है।

अनंत सिंह पर लगे आरोप और मौजूदा स्थिति

मोकामा क्षेत्र से लगातार प्रभावशाली नेता रहे अनंत सिंह चुनाव जीतने के तुरंत बाद ही चर्चा में आ गए, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनका नाम सामने आया। इस केस में उन्हें आरोपी बनाते हुए भेजा गया:

  • बेऊर जेल, पटना

  • जमानत याचिका खारिज

  • अभी भी न्यायिक हिरासत में

हालांकि, उनकी टीम अब भी नई जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी में है।

क्या अनंत सिंह की विधायकी जा सकती है?

इस सवाल के दो बड़े पहलू हैं:

शपथ न लेने पर विधायकी खत्म?—हाँ

यदि वे 6 महीने के भीतर शपथ नहीं लेते, तो विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।
यह नियम सभी विधायकों पर समान रूप से लागू होता है।

अगर कोर्ट उन्हें दोषी ठहरा दे?—हाँ

अनंत सिंह पहले भी सजायाफ्ता होने पर अपनी विधायकी गंवा चुके हैं।
लेकिन बाद में हाई कोर्ट से बरी होने पर उन्होंने 2025 में दोबारा चुनाव लड़ा और जीत गए।
इस बार भी:

  • यदि भविष्य में कोर्ट सजा देता है
  • और सजा 2 साल या उससे अधिक हुई
    तो उनकी विधायकी फिर से रद्द हो सकती है।

फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं आया है, इसलिए अभी उनकी विधानसभा सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है।

क्या इस बार भी उन्हें पैरोल मिल सकती है?

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अनंत सिंह की कानूनी टीम:

  • विधानसभा सत्र की तारीख के बाद
  • पैरोल के लिए विशेष आवेदन देगी

बिहार की पिछली घटनाओं को देखें तो अधिकतर मामलों में अदालत चुनाव जीत चुके नेताओं को शपथ के लिए सीमित अवधि की पैरोल देती है, ताकि सार्वभौमिक प्रक्रिया पूरी हो सके।
इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:

“अनंत सिंह को शपथ की खातिर पैरोल मिलने की संभावना काफी अधिक है।”

परंतु यह पूरी तरह कोर्ट पर निर्भर करता है।

अगर पैरोल नहीं मिला, तो क्या अलग से व्यवस्था होगी?

हाँ।
यदि कोर्ट अनुमति नहीं देता, तो:

राज्यपाल या राज्यपाल के अधिकृत अधिकारी जेल में जाकर शपथ दिला सकते हैं।

यह विकल्प शायद अंतिम रास्ता होगा, लेकिन
संविधान में यह व्यवस्था मौजूद है, इसलिए विधायकी बचाना संभव है।

2025 के चुनाव में अनंत सिंह की जीत क्यों चर्चा में है?

अनंत सिंह मोकामा क्षेत्र में लगातार लोकप्रिय रहे हैं।
2020 में वे जेल से ही चुनाव जीते थे।
2025 में जेडीयू के टिकट पर उनके चुनाव जीतते ही:

  • राजनीतिक हलकों में फिर हलचल मच गई
  • विरोधियों ने उनके जेल में होने को मुद्दा बनाया
  • समर्थक “अनंत भैया” की जीत को जनादेश बता रहे हैं

अब सारी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे शपथ लेने की प्रक्रिया कैसे पूरी करेंगे।

निष्कर्ष: क्या अनंत सिंह की विधायकी सुरक्षित है?

फिलहाल हाँ, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा:

  • क्या उन्हें पैरोल मिलती है?
  • यदि नहीं मिलती तो क्या राज्यपाल जेल में शपथ दिलाते हैं?
  • वे 6 महीने की समय सीमा में शपथ ले पाते हैं या नहीं?

कानून स्पष्ट है—
शपथ के बिना विधायक का पद खत्म हो जाता है, और शपथ का अधिकार जेल में बंद MLA को भी दिया जा सकता है

इसलिए अगले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि:

अनंत सिंह पैरोल पर आकर शपथ लेंगे
या
जेल में ही विशेष व्यवस्था से शपथ दिलाई जाएगी।

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