—Advertisement—

“ज़ुबीन गर्ग मौत रहस्य: असम CM हिमंत ने कहा— हादसा नहीं, हत्या थी; सिंगापुर डेथ केस जांच में बड़ा खुलासा”

Author Picture
Published On: 25 November 2025
cm sarma and zubeen garg

—Advertisement—

ज़ुबीन गर्ग की मौत पर बड़ा खुलासा: ‘यह हादसा नहीं, हत्या थी’ – असम CM हिमंत बिस्वा सरमा का विधानसभा में सनसनीखेज बयान

Zubeen Garg Death Mystery | Zubeen Garg Murder News | Assam CM Himanta Biswa Sarma Statement | Zubeen Garg Singapore Incident | Zubeen Garg Case Investigation

असम के लोकप्रिय गायक और अभिनेता ज़ुबीन गर्ग की मौत को लेकर नया मोड़ आ गया है। सोमवार को असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि “ज़ुबीन गर्ग की मौत हादसा नहीं बल्कि एक स्पष्ट हत्या है।”
सरकार के इस खुलासे ने पूरे सदन के साथ-साथ देशभर के ज़ुबीन गर्ग के प्रशंसकों में हलचल मचा दी है।

विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव और सदन में हंगामा

असम विधानसभा के पहले ही दिन विपक्ष ने Zubeen Garg Death Case को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया। स्पीकर ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब तक जो भी इसे एक सामान्य दुर्घटना बताया जा रहा था, वह सही नहीं है।

CM हिमंत बोले— “यह न दुर्घटना है, न लापरवाही… यह हत्या है”

मुख्यमंत्री सरमा ने सदन में कहा:

“मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ज़ुबीन गर्ग की मौत न तो हादसा है और न ही कोई सामान्य लापरवाही। यह एक सीधी हत्या है।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान के पीछे पूरी जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट और अब तक मिले साक्ष्य मौजूद हैं। अपना बयान उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर भी शेयर किया।

इस बयान ने न सिर्फ सदन में तनाव बढ़ाया, बल्कि सोशल मीडिया और पूरे असम में इस मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई।

download 3

ज़ुबीन गर्ग की मौत: क्या हुआ था 19 सितंबर को? – पूरी टाइमलाइन

19 सितंबर 2025 ज़ुबीन गर्ग सिंगापुर के समुद्र किनारे तैरने गए थे। कुछ देर बाद वे अचानक दिखाई देना बंद हो गए।

1. समुद्र में तैरते समय अचानक लापता

उनके साथ मौजूद लोगों के मुताबिक, वे पानी में तैर रहे थे और कुछ ही मिनटों में उनकी स्थिति संदिग्ध हो गई।

2. रेस्क्यू टीम की खोज

सिंगापुर की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कई मिनट की गहन खोज के बाद ज़ुबीन को समुद्र में बेहोशी की हालत में पाया गया।

3. अस्पताल में गंभीर स्थिति

उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लंबा प्रयास किया, परंतु स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

4. प्रारंभिक रिपोर्ट में दुर्घटना बताया गया

सिंगापुर के मेडिकल अधिकारियों और लोकल प्रशासन ने इसे एक दुखद जल दुर्घटना बताया।

लेकिन असम में लगातार सवाल उठते रहे—“क्या यह सिर्फ एक हादसा था?”

परिवार और प्रशंसकों के सवाल— क्या मौत के पीछे कोई साज़िश थी?

ज़ुबीन गर्ग के प्रशंसकों और परिजनों ने शुरुआत से ही आशंका जताई कि मामला साधारण नहीं है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस घटना पर संदेह जताया और असम सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की।

इन्हीं सवालों और जनभावनाओं को देखते हुए असम सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच का फैसला लिया।

असम सरकार ने हाई लेवल जांच आयोग बनाया

सरकार ने गायक की मौत की जांच के लिए एक सदस्यीय इंक्वायरी कमीशन गठित किया है, जिसकी अगुवाई गौहाटी हाई कोर्ट के जज जस्टिस सौमित्र कर रहे हैं।

आयोग को क्या-क्या जांचना है?

जांच आयोग को इस मामले की हर कड़ी जोड़नी है—

  • ज़ुबीन गर्ग की मौत से पहले क्या हुआ?

  • उनके साथ कौन-कौन थे?

  • समुद्र में तैरते समय कोई संदिग्ध घटना हुई?

  • रेस्क्यू टीम को बुलाने में देरी क्यों हुई?

  • मेडिकल रिपोर्ट में कोई विसंगति तो नहीं?

  • क्या किसी व्यक्ति, योजना या साज़िश का हाथ है?

  • क्या यह एक सोची-समझी हत्या थी?

आयोग सिर्फ सतही जांच नहीं कर रहा, बल्कि सभी संभावित पहलुओं और साक्ष्यों को जोड़कर अंतिम निष्कर्ष निकालने में लगा है।

जांच आयोग की समय सीमा बढ़ाई गई

पहले आयोग को 21 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट देना था। लेकिन गवाहों के बयान बढ़ने और नए दस्तावेज सामने आने के बाद आयोग ने समय सीमा बढ़ाने की मांग की।

सरकार ने आयोग को साक्ष्य जुटाने और विस्तृत पूछताछ के लिए 12 दिसंबर 2025 तक का समय दे दिया है।

CM के बयान के बाद नया मोड़ – हत्या की पुष्टि क्यों?

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे यह स्पष्ट होता है कि मौत किसी हादसे का परिणाम नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि—

  • कुछ गवाहों के बयान संदिग्ध हैं
  • कुछ दस्तावेज और रिकॉर्डिंग मेल नहीं खा रही
  • घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों के बयान विरोधाभासी हैं
  • मेडिकल रिपोर्ट में भी अनिश्चितता दिख रही है

इन सभी बिंदुओं के आधार पर सरकार ने “यह हत्या है” का दावा किया।

असम में क्यों बढ़ रहा है विवाद?

ज़ुबीन गर्ग सिर्फ एक कलाकार नहीं थे—
वे असम के ‘सांस्कृतिक आइकन’ माने जाते हैं।
उनकी लोकप्रियता पूरे पूर्वोत्तर भारत में विशाल है।
उनका हर गाना, लाइव शो और समाजसेवा से जुड़ी गतिविधियाँ उन्हें युवा पीढ़ी का आदर्श बनाती थीं।

इसी वजह से उनकी मौत को लेकर जनता के मन में भावनाएं बेहद प्रबल हैं।

मुख्यमंत्री का ‘हत्या’ वाला बयान अब पूरे राज्य को झकझोर चुका है।

अगले 15 दिन बेहद महत्वपूर्ण

आयोग 12 दिसंबर तक—

  • गवाहों के बयान
  • नए साक्ष्य
  • दस्तावेज
  • डिजिटल फुटेज
  • मेडिकल रिकॉर्ड

का अध्ययन करेगा और अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।
यह रिपोर्ट तय करेगी कि मामला आगे CBI / SIT को दिया जाएगा या नहीं।


निष्कर्ष: ज़ुबीन गर्ग की मौत का रहस्य गहराया

असम सरकार के दावे के बाद Zubeen Garg Death Case अब एक बड़े रहस्य में बदल गया है।

क्या यह वास्तव में हत्या थी?
कौन लोग इसमें शामिल हो सकते हैं?
क्या किसी योजना के तहत ज़ुबीन को निशाना बनाया गया?
क्या नई रिपोर्ट देश के लोगों के सवालों का जवाब दे पाएगी?

इन सभी सवालों के जवाब अब आयोग की अंतिम रिपोर्ट पर निर्भर करते हैं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp