किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: मध्य प्रदेश सरकार 2600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदेगी गेहूं, सीएम मोहन यादव की महत्वपूर्ण घोषणा
किसानों को राहत: गेहूं का MSP अब 2600 रुपये प्रति क्विंटल
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रबी सीजन 2025–26 की सरकारी खरीदी के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। यह घोषणा सागर जिले के बंडा में आयोजित एक विशाल जनसभा में की गई।
इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध—सीएम मोहन यादव
कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को मजबूत करने और किसान हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“प्रदेश में इस साल से गेहूं की खरीदी बढ़े हुए 2600 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर की जाएगी। यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर बाजार सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
मुख्यमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब किसान रबी सीजन की तैयारियों में लगे हुए हैं। बढ़ा हुआ MSP किसानों को उत्साह और आत्मविश्वास दोनों देगा।
केंद्र सरकार के MSP से अधिक कीमत देगा प्रदेश
गेहूं का यह तय किया गया 2600 रुपये प्रति क्विंटल का भाव, केंद्र सरकार द्वारा घोषित MSP से अधिक है। अतिरिक्त राशि का भार मध्य प्रदेश सरकार वहन करेगी।
यह कदम प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें उत्पादन का उचित मूल्य दिलाने की गंभीर मंशा को दर्शाता है।
बंडा को मिली 50 करोड़ से अधिक की विकास सौगात
किसानों के लिए बड़ी राहत देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बंडा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए भी कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
सीएम ने 50.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 16 विकास कार्यों की सौगात दी। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्य शामिल हैं।
35 करोड़ से बने नवनिर्मित सांदीपनी स्कूल का लोकार्पण
जनसभा में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनी स्कूल का लोकार्पण किया।
नए स्कूल भवन के निर्माण से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने इस परियोजना को क्षेत्र की शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार बताया।
किसानों और ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस
सीएम मोहन यादव का बंडा दौरा यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना, ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास करना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना है।
सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनसे:
- किसान को फसल का उचित मूल्य मिले
- कृषि आधारित आय में स्थिरता आए
- ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों की स्थिति सुधरे
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हों
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में किसानों एवं ग्रामीण विकास के लिए और भी बड़ी योजनाएं लागू की जाएंगी।
क्यों महत्वपूर्ण है गेहूं MSP बढ़ाकर 2600 रुपये करना?
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किसानों को सीधा आर्थिक लाभ
उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही है। 2600 रुपये MSP किसानों की बढ़ती लागत को संतुलित करेगा। -
बाजार में मूल्य उतार-चढ़ाव से सुरक्षा
किसानों को खुले बाजार की अनिश्चितता से बचाव मिलेगा। -
रबी सीजन में अधिक उत्पादन को प्रोत्साहन
बेहतर MSP मिलने से किसान गेहूं उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकेंगे। -
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
किसानों की आय बढ़ने से गांवों में आर्थिक गतिविधि तेज होगी।
भविष्य की योजनाओं का संकेत
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में:
- कृषि के डिजिटलीकरण
- उन्नत सिंचाई तकनीक
- फसल बीमा की मजबूती
- कोल्ड स्टोरेज और गोदाम क्षमता बढ़ाने
- और किसानों के लिए नई ऋण योजनाओं
पर सरकार विशेष ध्यान देगी।
स्थानीय लोगों और किसानों में उत्साह
बंडा में हुई इस घोषणा के बाद किसानों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर देखने को मिली।
किसानों ने कहा कि:
“सरकार का यह फैसला हमारे लिए बड़ी राहत है। बढ़ा हुआ MSP हमें बेहतर मूल्य और आर्थिक सुरक्षा देगा।”
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित 2600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं MSP न केवल किसानों के लिए बड़ी राहत है, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के किसान-हितैषी दृष्टिकोण का मजबूत उदाहरण भी है।
इसके साथ ही बंडा क्षेत्र में 50 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों और नए स्कूल के लोकार्पण ने सरकार के विकास एजेंडा को और मजबूत बनाया है।
किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को केंद्र में रखकर बनाई जा रही ये नीतियां भविष्य में मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर और कृषि-समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

