भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के अपने मिशन के तहत देशभर में उद्योग जगत के साथ संवाद को लगातार मजबूत कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार, 22 नवंबर को हैदराबाद में आयोजित विशेष सत्र ‘Investment Opportunities in Madhya Pradesh’ में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे।
यह कार्यक्रम औद्योगिक समूहों के लिए मध्यप्रदेश की उद्योग-हितैषी नीतियों, विकसित अधोसंरचना, सेक्टर-विशिष्ट क्लस्टर्स और संभावित निवेश अवसरों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा।
मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना और नवाचार-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। इस बैठक का मुख्य फोकस दक्षिण भारत के उन बड़े उद्योग समूहों पर रहेगा, जो विस्तार या नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए तेजी से विकसित होते राज्यों की तलाश में हैं।
ग्रीनको मुख्यालय का दौरा :
हैदराबाद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए प्रसिद्ध Greenko Group के मुख्यालय का भी भ्रमण करेंगे। ग्रीनको नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ग्रीनको नेतृत्व के साथ संभावित साझेदारी, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह बैठक राज्य के ऊर्जा परिदृश्य और भविष्य की परियोजनाओं को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
वन-टू-वन चर्चा :
मुख्य सत्र में मुख्यमंत्री विभिन्न सेक्टरों जैसे IT, ITES, ESDM, बायोटेक, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और MSME के उद्योगपतियों से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों को समझना, निवेश की बाधाओं को दूर करना, मध्यप्रदेश की नीतियों से अवगत कराना और नए प्रोजेक्ट्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना होगा।
बायोटेक सेक्टर पर विशेष राउंड टेबल :
सम्मेलन में बायोटेक उद्योग पर केंद्रित एक विशेष राउंड टेबल मीटिंग भी होगी, जिसमें प्रमुख उद्योग समूह, स्टार्टअप्स, इनोवेशन कंपनियाँ और रिसर्च-आधारित उद्यम शामिल होंगे। इस चर्चा में बायोटेक पार्क, R&D आधारित उद्योगों के अवसर, लाइफ साइंसेज व एग्री-बायोटेक में निवेश और उद्योग-अकादमिक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
विभिन्न उद्योग समूहों से दिनभर संवाद :
मुख्यमंत्री पूरे दिन विभिन्न सेक्टरों की कंपनियों जैसे IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो, मेटल और MSME—के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में कंपनियाँ अपने निवेश प्रस्ताव, विस्तार योजनाएँ और नए प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत करेंगी। सरकार उन्हें सभी आवश्यक सहयोग का आश्वासन देगी।
नीतिगत लाभों की प्रस्तुति :
इस अवसर पर निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह राज्य की औद्योगिक नीतियों, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, क्लस्टर-आधारित विकास मॉडल, निवेश प्रक्रिया की सरलता और MSME व बड़े उद्योगों को मिलने वाली रियायतों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे। निवेशक ‘Ease of Doing Business’ में हुए सुधारों को भी समझ सकेंगे।
