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LJP विधायक विवाद: नितेश कुमार सिंह पर चिटफंड केस छिपाने का आरोप, विधानसभा सदस्यता खतरे में?

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Published On: 20 November 2025
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LJP विधायक नितेश कुमार सिंह की सदस्यता पर संकट? नामांकन में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप, पहली बार पहुंचे बिहार विधानसभा

बिहार की 18वीं विधानसभा का गठन हो गया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10वीं बार पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। लेकिन इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के एक नवनिर्वाचित विधायक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पूर्णिया जिले की कसबा विधानसभा सीट से विजयी हुए LJP विधायक नितेश कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने नामांकन के समय आपराधिक मामला छिपाया, जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग उठने लगी है।

इस मामले ने बिहार में विधानसभा गठन के तुरंत बाद ही राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और लोजपा नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

नामांकन में चिटफंड घोटाले का केस छिपाने का आरोप

पूर्णिया जिले के अधिवक्ता अनिल कुमार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग और डीएम पूर्णिया के पास शिकायत दर्ज कराई है।

उनका आरोप है कि LJP विधायक नितेश कुमार सिंह ने अपने नामांकन के दौरान दिए गए एफिडेविट में यह खुलासा नहीं किया कि उनके विरुद्ध कोलकाता CBI कोर्ट में चिटफंड कंपनी से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला चल रहा है

अधिवक्ता का कहना है कि—

  • नितेश कुमार सिंह इस मामले में चार्जशीटेड हैं
  • उन्हें कोर्ट की ओर से समन जारी किया जा चुका है
  • यह जानकारी उनके एफिडेविट में जाने-अनजाने नहीं, बल्कि जानबूझकर छिपाई गई है

कानूनी तौर पर यदि कोई उम्मीदवार नामांकन में आपराधिक मामला छिपाता है, तो यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन माना जाता है, जिसकी वजह से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जा सकती है।

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कौन हैं LJP विधायक नितेश कुमार सिंह? पहली बार पहुंचे विधानसभा

पूर्णिया की कसबा विधानसभा सीट से इस बार लोजपा ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
LJP के प्रत्याशी के तौर पर नितेश कुमार सिंह पहले से ही चिराग पासवान के कोर ग्रुप में माने जाते रहे हैं।
बिहार चुनाव 2025 में यह उनकी पहली जीत है और पहली बार वे बिहार विधानसभा पहुंचे हैं।

लेकिन सत्ता के इस नए सफर की शुरुआत में ही उनपर मंडराते कानूनी बादल उनकी सियासत पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

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सदस्यता रद्द करने की मांग—चुनाव आयोग से कड़ा एक्शन लेने की अपील

शिकायतकर्ता अधिवक्ता अनिल कुमार ने चुनाव आयोग से रिक्वेस्ट की है कि:

  • नितेश कुमार सिंह के नामांकन की दोबारा जांच की जाए
  • एफिडेविट में जानकारी छिपाने पर कानूनी कार्रवाई हो
  • जरूरत पड़े तो LJP विधायक की सदस्यता तुरंत रद्द की जाए

उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि एक चुनाव जीतने वाला जनप्रतिनिधि यदि कोर्ट के केस छिपाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ धोखा है।

चिराग पासवान की पार्टी LJP का शानदार प्रदर्शन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने पिछले चुनावों की तुलना में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

  • लोजपा को इस बार 19 सीटें मिली हैं
  • पिछली बार की तुलना में सीटों में काफी बढ़ोतरी
  • पार्टी के दो विधायकों को मंत्री पद भी मिला

कौन बने मंत्री?

  • संजय सिंह — महुआ से विधायक
  • संजय पासवान — बखरी सीट से विधायक

दोनों नेताओं ने कैबिनेट में शामिल किए जाने पर LJP अध्यक्ष चिराग पासवान का धन्यवाद किया और कहा कि यह अवसर जनता और पार्टी का आशीर्वाद है।


नीतीश कुमार ने 10वीं बार CM पद की शपथ ली

बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार का दबदबा बना रहा।
उन्होंने 18वीं विधानसभा के गठन के साथ ही 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया।

कैबिनेट में किसे मिली जगह?

  • जेडीयू: मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री
  • भाजपा: 14 मंत्री
  • हम (जीतन राम मांझी): 1 मंत्री
  • रालोसपा (उपेंद्र कुशवाहा): 1 मंत्री
  • LJP: 2 मंत्री

इस नई कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है।

कैबिनेट की खास बातें

  • पूरी कैबिनेट में सिर्फ एक मुस्लिम चेहरा: जमा खान
  • जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—दोनों के बेटे भी मंत्री बने
  • पहली बार युवा चेहरों को प्रमुखता दी गई

LJP विधायक पर संकट—राजनीतिक असर क्या होगा?

नितेश कुमार सिंह मामले ने बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि

  • जांच में एफिडेविट गलत पाया जाता है
  • चिटफंड स्कैम को लेकर चार्जशीट का प्रमाण मिलता है

तो यह लोजपा की छवि पर सीधा असर डालेगा और नई विधानसभा में पार्टी को शुरुआत से ही दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

चिराग पासवान ने हमेशा युवा, साफ-सुथरी और पारदर्शी राजनीति की बात की है। ऐसे में यह मामला उनके राजनीतिक रुख की भी परीक्षा बन सकता है।


आगे क्या होगा?

शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंच चुकी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में:

  • जांच प्रक्रिया शुरू हो सकती है
  • एफिडेविट की सत्यता की कानूनी पड़ताल होगी
  • आयोग चाहे तो विधायक की सदस्यता पर रोक लगा सकता है
  • मामला बढ़ा तो CBI या EOW से भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है

फिलहाल LJP विधायक नितेश कुमार सिंह की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मामले पर चर्चाएं तेज हैं।

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