भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने हाल ही में दो प्रमुख नियुक्तियों की घोषणा की है। इस क्रम में रीना बौरासी को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस सेवादल का अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अवनीश भार्गव को मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल (ट्रेनिंग) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मंजूरी भी प्राप्त है। यह फेरबदल आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी के अग्रिम संगठनों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।

रीना बौरासी को महिला विंग की कमान

रीना बौरासी को महिला सेवादल की कमान सौंपी गई है। इससे पहले वह महिला कांग्रेस सेवादल की प्रदेश समन्वयक के रूप में कार्य करती थीं। संगठन में उन्हें एक ऊर्जावान और सक्रिय नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी नियुक्ति से पार्टी को महिला वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने और महिला कार्यकर्ताओं को संगठित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। महिला सेवादल, कांग्रेस के जमीनी अभियानों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है।
अवनीश भार्गव संभालेंगे ट्रेनिंग विभाग

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अवनीश भार्गव को ट्रेनिंग विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। भार्गव लंबे समय से पार्टी के मुखर प्रवक्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं। अब उन्हें कार्यकर्ताओं को वैचारिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति दर्शाती है कि कांग्रेस अपने कैडर को मजबूत करने और उन्हें पार्टी की विचारधारा से लैस करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, ये नियुक्तियां लोकसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में चल रहे मंथन का परिणाम हैं। पार्टी अपने अग्रिम संगठनों, विशेषकर सेवादल को पुनर्जीवित करना चाहती है। सेवादल के माध्यम से कांग्रेस का लक्ष्य न केवल कार्यकर्ताओं की एक अनुशासित फौज तैयार करना है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाना भी है। महिला और ट्रेनिंग विंग पर ध्यान केंद्रित करना इसी रणनीति का हिस्सा है।
इन नई नियुक्तियों से उम्मीद की जा रही है कि रीना बौरासी और अवनीश भार्गव के नेतृत्व में कांग्रेस सेवादल को नई ऊर्जा मिलेगी। संगठन के अभियानों में तेजी आएगी और पार्टी के जमीनी ढांचे को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
