मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार से एक बड़े राष्ट्रीय वैज्ञानिक आयोजन का केंद्र बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान RIE में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी NCERT द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
उद्घाटन समारोह में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। छह दिवसीय यह प्रदर्शनी 23 नवंबर तक चलेगी और देशभर के युवा वैज्ञानिकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देगी।

देशभर से पहुंचे 900 युवा वैज्ञानिक
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी और शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। देश के 229 स्कूलों से आए प्रतिभागी विज्ञान आधारित 240 प्रोजेक्ट्स और मॉडल प्रदर्शित करेंगे।
इस आयोजन से छात्रों में विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा ।
मुख्य थीम: सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
बता दे की इसा वर्ष इस प्रदर्शनी का केंद्रीय विषय “सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी” है ।
इस थीम के अंतर्गत खाद्य, स्वास्थ्य और स्वच्छता ,परिवहन एवं संचार ,प्राकृतिक खेती ,आपदा प्रबंधन ,गणितीय मॉडलिंग ,कम्प्यूटेशनल थिंकिंग ,अपशिष्ट प्रबंधन ,वैज्ञानिकों से संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा।
हर दिन सुबह 9 बजे विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें IISER, MANIT, रीजनल साइंस सेंटर और ग्लोबल स्किल पार्क के विशेषज्ञ बच्चों से संवाद करेंगे और व्याख्यान देंगे। इसके बाद 30 मिनट का प्रश्नोत्तर सत्र होगा। इसी के साथ शाम को विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्रों की पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे।
