आईजा ने किया पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान और पूर्व IAS सभाजीत यादव का सम्मान — राष्ट्रीय संत मुनि श्री सुधासागर जी महाराज से आशीर्वाद न मिलने का अफसोस, जल्द करेंगे दर्शन
सिरोंज | ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन सम्मान समारोह 2025 | मुनि श्री सुधासागर जी महाराज समाचार | जैन समाज न्यूज अपडेट
सिरोंज में ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान और पूर्व IAS अधिकारी सभाजीत यादव का सम्मान किया गया। यह सम्मान आईजा मध्यप्रदेश प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी द्वारा प्रदान किया गया। समारोह संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में अत्यंत गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
यह सम्मान उस अवसर की भरपाई के रूप में दिया गया, जब दोनों अतिथि 5 अक्टूबर 2025 को अशोकनगर में आयोजित जैन पत्रकारों के महाकुंभ में शामिल नहीं हो पाए थे, जहाँ राष्ट्रीय संत गुरुवर मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज की दिव्य उपस्थिति रही थी।
असमर्थता पर खेद व्यक्त — आशीर्वाद से वंचित रह गया: असलम शेर खान
सम्मान प्राप्त करने के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान ने भावुक शब्दों में कहा:
“अशोकनगर के जैन पत्रकार महा-सम्मेलन में व्यक्तिगत व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो सका। इसका मुझे गहरा अफसोस है कि मैं राष्ट्रीय संत गुरुवर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद से उस दिन वंचित रह गया। मैं शीघ्र प्रयास करूंगा कि एक बार फिर उनके दर्शन और आशीर्वाद का लाभ प्राप्त कर सकूं।”
उन्होंने मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि वे दिगंबर जैन परंपरा के प्रमुख, तपस्वी, त्यागमूर्ति और अत्यंत प्रभावशाली आध्यात्मिक संत हैं, जिनके प्रवचन देशभर में लाखों लोगों को सतमार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा:
“मुनि श्री एक महान साधक हैं, जिन्होंने जैन दर्शन को सरल भाषा में समाज तक पहुँचाने का अद्भुत कार्य किया है। उनकी प्रेरणा से अनगिनत लोग सात्विक और अनुशासित जीवन अपनाने की ओर अग्रसर होते हैं।”
जैन धर्म के प्रमुख गुरु — पूर्व IAS सभाजीत यादव ने व्यक्त की श्रद्धा
पूर्व IAS अधिकारी सभाजीत यादव ने मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज को जैन धर्म का गौरव बताते हुए कहा कि:
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वे दिगंबर जैन साधु परंपरा की महान तपस्वी श्रृंखला से जुड़े हैं
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आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के संघ के प्रतिष्ठित साधु रहे हैं
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उन्होंने अनेक जैन मंदिरों के संरक्षण और पुनर्निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई
उन्होंने बताया कि:
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सांगानेर, कोटा दादाबाड़ी और नारेली जैन मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों के जीर्णोद्धार में उनकी प्रेरणा रही है।
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बजरंगगढ़ (मध्यप्रदेश) स्थित प्राचीन शांतिनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में उन्होंने विशेष योगदान दिया।
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राजस्थान, मध्यप्रदेश और कई राज्यों में उनके मार्गदर्शन से जैन समाज के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं।
सभाजीत यादव ने कहा कि मुनि श्री की प्रवचन शैली अत्यंत सरल, तर्कपूर्ण और जीवन सुधारने वाली है। उनके लिखित ग्रंथ और प्रवचन जैन समाज के लिए अमूल्य धरोहर हैं।
आईजा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी ने बताया — मुनि श्री सुधासागर महाराज का जीवन तप, ज्ञान और सेवा का अद्भुत संगम
आईजा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी ने दोनों अतिथियों का सम्मान करते हुए कहा कि मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज का योगदान जैन धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान में अविस्मरणीय है।
उन्होंने बताया कि:
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उनका जन्म 29 अगस्त 1958 — ईशूरवाड़ा (मध्यप्रदेश) में हुआ
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आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से क्षुल्लक, ऐलक और अंततः मुनि दीक्षा प्राप्त की
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वे अनेक जैन संस्कृति संस्थानों, मंदिर निर्माण कार्यों और धार्मिक जागरण अभियानों से जुड़े रहे
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उनकी प्रेरणा से जैन समाज में शिक्षा, सेवा और अहिंसा के मूल्य मजबूत हुए हैं
राजीव जैन ने जोर देकर कहा कि मुनि श्री का आध्यात्मिक व्यक्तित्व, तप और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
समारोह में शामिल रहे गणमान्य नागरिक
इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें—
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तहसीलदार संजय चौरसिया
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संस्कार ग्रीन वैली स्कूल के चेयरमैन निजाम खान
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ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमेश सोनी
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वरिष्ठ समाजसेवी जफर खान
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पत्रकार— नसीम खान, सलमान खान, अरवाज खान शेखू, जावेद खान
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समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक
सभी ने आईजा के इस आयोजन की सराहना की और कहा कि संगठन का उद्देश्य जैन पत्रकारिता को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करना है।
