इंदौर: मुंबई से इंदौर आ रही ‘हंस ट्रेवल्स’ की बस में एक युवती के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना सामने आई थी। जिसने शहर में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। बता दे की इस घटना के कई दिन बाद भी आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है, जिसके बाद ट्रैवल्स कंपनी की ओर से सहयोग न मिलने से प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

इस घटना को लेकर की कलेक्टर से मुलाकात
इस शर्मनाक घटना के विरोध में मंगलवार शाम को विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे और पार्षद प्रशांत बडवे के नेतृत्व में पीड़ित युवती की मां के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और रात्रि में यात्रा कर रही महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पुणे और मुंबई में कार्यरत इंदौर की हज़ारों बेटियों के माता-पिता इस घटना के बाद भयभीत हैं। साथ ही उन्होंने शराब पीकर यात्रा करने वाले यात्रियों को बस में चढ़ाने जैसी सुरक्षा जोखिमों का मुद्दा भी उठाया, जिससे महिला यात्री असुरक्षित महसूस करती हैं।
कलेक्टर ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन
कलेक्टर ने मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से सुना और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बस संचालकों के साथ बैठक कर यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश देने का वादा किया। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित युवती और उसकी मां की हिम्मत की भी प्रशंसा की, जिन्होंने इस घटना को सार्वजनिक कर लोगों का ध्यान खींचा।
प्रशासन पर उठे कई सवाल
फिलहाल कई सवाल बने हुए हैं की FIR दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? ड्राइवर और कंडक्टर ने शिकायत को नजरअंदाज क्यों किया, और उन पर क्या कार्रवाई की गई? इसके अलावा, हंस ट्रेवल्स कंपनी ने सहयोग क्यों नहीं किया और क्या बस संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
