सिंहस्थ एक ऐसा पर्व है जिससे लाखो नहीं करोड़ो हिन्दुओ की आस्था जुड़ी है। ऐसे में अगला सिंहस्थ -2028 उज्जैन में आयोजित किया जायेगा जिसके चलते मध्यप्रदेश के मुख्या मंत्री मोहन यादव ने तैयारियां शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री डॉ. मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सड़क विस्तार, पार्किंग व्यवस्था, पुल निर्माण, यातायात मार्गों का पुनर्गठन जैसे विषयो पर केंद्रीय मंत्री को विस्तार से समझाया ।

उन्होंने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार और तकनीकी उपकरणों का इस्तमाल करके एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण तैयार कर रही है। बता दे की सिंहस्थ क्षेत्र में स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए कचरा प्रबंधन, पेयजल की उपलब्धता, आधुनिक शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएँ और आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही अस्थायी आवास, टेंट सिटी, कंट्रोल रूम और तीर्थयात्रियों जैसे चीजों पर भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल आस्था का महाआयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक दक्षता का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन भी होगा, जिसके लिए राज्य सरकार बहुआयामी योजनाओं पर गंभीरता से काम कर रही है।
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, स्मार्ट सिटी परियोजना और शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़ी अन्य योजनाओं की रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री को प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के अंतर्गत कार्यान्वित कई प्रोजेक्ट, विशेष रूप से उज्जैन में विकसित स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक कुंभ होगा आयोजित
उज्जैन प्रशासन ने सिंहस्थ-2028 को देश का सबसे सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक कुंभ आयोजन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अनुमान है कि प्रत्येक नहान पर्व पर लगभग 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन स्थायी व अस्थायी दोनों प्रकार के विकास कार्य तेजी से पूरा कर रहा है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए नए मार्ग, डायवर्जन प्लान, शटल सेवाओं, पार्किंग ज़ोन और आपातकालीन मार्गों का विकास किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से ड्रोन सर्विलांस, हाई-टेक कंट्रोल रूम, सीसीटीवी नेटवर्क, क्विक रिस्पॉन्स टीमें तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन की योजना तैयार की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हुए मोबाइल अस्पताल, प्राथमिक उपचार केंद्र, एम्बुलेंस नेटवर्क और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीमें तैनात की जाएंगी। श्रद्धालुओं के रहने, खाने और विश्राम की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए टेंट सिटी, भोजनालय, सूचना केंद्र और डिजिटल सहायता सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
