परमरस पंचान्हिका महोत्सव में 18 अभिषेक का दिव्य आयोजन, रविवार को होगा पच्चीसवां ध्वजारोहण
नागदा जं / जैन कालोनी।
शांतिनाथ राजेन्द्रसूरी जैन ज्ञान मंदिर में इन दिनों आध्यात्मिकता, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पुण्यसम्राट आचार्यश्री जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा के 90वें जन्मदिवस पर आयोजित परमरस पंचान्हिका महोत्सव का वातावरण भक्तिमय रंगों से सराबोर हो उठा है। महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार सुबह 8.30 बजे आयोजित अठारह अभिषेक महापूजन ने श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति से भावविभोर कर दिया।
इस भव्य आयोजन की निश्रा पुण्यसम्राट के शिष्य मुनिश्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी मसा एवं मुनिश्री पवित्ररत्न विजयजी मसा द्वारा की गई। मंगलाचरण से प्रारंभ हुआ यह अभिषेक विधान अपनी आध्यात्मिक गरिमा और परंपरागत सौंदर्य के लिए विशिष्ट माना जाता है। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की बड़ी संख्या ने उपस्थित होकर इस पावन क्षण को साक्षी बनाया।
18 विशिष्ट औषधियों से सम्पन्न दिव्य अभिषेक
विधान के अंतर्गत शक्रस्तव, शांतिधारा अभिषेक और अठारह अभिषेक संपन्न हुए। इसमें लाभार्थी परिवार द्वारा भगवान का अभिषेक 18 विशेष औषधियों—जैसे द्रव्य, जड़ी-बूटियाँ, सुवासित तत्व और पवित्र जल—से किया गया।
इस अभिषेक का लाभ करुणेश कुमार–शिरिष कुमार बोहरा परिवार ने लिया। लगभग तीन घंटे तक दिव्य मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधानों के बीच यह महापूजन चला।
पूजन के विधान को हेमंत कांकरिया एवं डॉ. विपिन वागरेचा ने विधिपूर्वक सम्पन्न कराया। भक्ति गीतों के माध्यम से वातावरण को अलौकिक बनाते हुए सुरेश नाहटा, आशीष चौधरी और प्रतिभा कुंवर ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया।
पूजन, आरती और शांतिकलश से गूँजा मंदिर परिसर
अठारह अभिषेक के बाद अष्टप्रकारी पूजन, घी में भगवान के मुख दर्शन, आरती और शांतिकलश का आयोजन हुआ। इन सभी धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ ट्रस्ट मंडल द्वारा लिया गया।
पूरी व्यवस्था और आयोजन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सेवाभावी युवाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।
रविवार को विशेष आकर्षण—सत्तरभेदी पूजन एवं पच्चीसवां ध्वजारोहण
महोत्सव के तीसरे दिन रविवार सुबह 8.30 बजे मुनिद्वय की निश्रा में सत्तरभेदी पूजन एवं मंदिर की स्थापना के 25वें वार्षिक ध्वजारोहण का आयोजन होगा। यह ध्वजारोहण समारोह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उल्लेखनीय है कि आचार्यदेवेश जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा द्वारा 22 नवम्बर 2000 को इस मंदिर की प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई गई थी। तब से लेकर आज तक मंदिर में प्रतिवर्ष ध्वजारोहण की परंपरा अनवरत रूप से जारी है।
लाभार्थी परिवारों के नाम
अठारह अभिषेक पूजन के लाभार्थी:
राजेन्द्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रजेश बोहरा, सचिव दिनेश चौरडिया, कोषाध्यक्ष निलेश पगारिया, ट्रस्टी मुकेश बोहरा, सुभाष गेलड़ा, मनोज औरा, आशीष चौधरी, राजकुमार भारतीय, सुशील सकलेचा, सुरेश औरा, विजय मेहता, सुरेश नाहटा, मनोज वागरेचा, कमलेश नागदा, दिलीप औरा, दिलीप गादिया, राजेश धाकड़ एवं दिलीप गांधी।
अन्य धार्मिक लाभार्थी:
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चन्द्रदर्शन एवं घी में मुख दर्शन: कांतिलाल सोभाग्यमल गेलड़ा परिवार
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सूर्यदर्शन: दाखाबाई शांतिलाल सकलेचा परिवार
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अष्टप्रकारी पूजन एवं मंगल दीपक: दिलीपकुमार–मनोजकुमार नांदेचा औरा परिवार
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आरती: श्रैणिकलाल–पंकजकुमार लोढ़ा परिवार
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शांतिकलश: ब्रजेशकुमार बाबूलाल बोहरा परिवार
पूरे आयोजन की मीडिया कवरेज संवाददाता जीवनलाल जैन, नागदा द्वारा की गई।


