16 नवंबर से सागर में ऐतिहासिक जिनबिंब भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया गया विशेष आमंत्रण
राजेश जैन दद्दू | इंदौर
मध्यप्रदेश का सागर जिला अगले सप्ताह आध्यात्मिक उत्साह और धार्मिक श्रद्धा का केंद्र बनने जा रहा है। श्री शांतिनाथ धाम, सिरोंजा (सागर) में ऐतिहासिक जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 16 नवंबर से 21 नवंबर 2025 तक भव्य रूप से आयोजित होने जा रहा है। इस महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और जैन समाज में इसे लेकर व्यापक हर्ष और उल्लास का वातावरण दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव को समिति ने दिया निमंत्रण
महामहोत्सव की तैयारियों और आमंत्रण के क्रम में महामहोत्सव समिति का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भोपाल में मिला। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महोत्सव के प्रमुख श्री संतोष जैन ‘घड़ी’ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री को शांतिनाथ धाम में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का विधिवत निमंत्रण सौंपा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वे महोत्सव में अवश्य शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के पावन सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त करना उनके लिए भी सौभाग्य की बात होगी। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि इस धार्मिक आयोजन से प्रदेश में शांति, सामंजस्य और कल्याण का संदेश प्रसारित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे आचार्यश्री से प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद भी प्राप्त करेंगे।
भव्य आयोजन की पूर्ण तैयारियाँ
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 16 से 21 नवंबर तक आयोजित होने वाला पंचकल्याणक महोत्सव नगर ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह आयोजन श्री बाबूलाल ताराबाई जैन धर्मार्थ ट्रस्ट, बी.टी.आई.आर.टी. परिसर, सिरोंजा, सागर में संपन्न होगा।
महोत्सव श्रमण संस्कृति के महामहिम अध्यात्मयोगी, चर्या शिरोमणि 108 श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है। देश भर से श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं तथा आयोजन स्थल को अत्यंत भव्य रूप से सजाया जा रहा है।
प्रतिष्ठाचार्यों के निर्देशन में होगा दिव्य विधान
यह प्रतिष्ठा महोत्सव प्रतिष्ठित प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय कुमार निशांत भैया के निर्देशन में सम्पन्न होगा। पंडित सनत कुमार जैन और पंडित विनोद कुमार जैन इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रतिष्ठाचार्य के रूप में विधि-विधान का संचालन करेंगे। जैन धर्म की परंपरागत और उत्कृष्ट विदियों के साथ यह आयोजन अध्यात्म, दर्शन और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
पुण्यार्जकों का योगदान सराहनीय
महोत्सव को सम्पन्न कराने का पुण्यार्जन सागर के बी.टी.आई.आर.टी. परिवार एवं प्रमुख जैन समाज के श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से सिंघई सुरेन्द्र कुमार, सन्तोष कुमार जैन ‘घड़ी’, शैलेंद्र सिंघई, डॉ. सत्येन्द्र जैन, संदीप जैन और बीटीआईआरटी परिवार महोत्सव आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
उनकी सतत मेहनत और समर्पण के कारण आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएँ समय से पूर्व पूरी हो चुकी हैं। श्रद्धालु सुविधा, भोजन व्यवस्था, दर्शन, प्रवचन तथा विविध सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी उत्कृष्ट स्तर पर की गई है।
जिनबिंब पंचकल्याणक: आध्यात्मिक महात्म्य
जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और दुर्लभ आयोजन माना जाता है। इसमें पंचकल्याणक—
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गर्भ,
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जन्म,
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तप,
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ज्ञान,
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मोक्ष
—के पावन उत्सवों का पूर्ण विधि-विधान से आयोजन किया जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन की पवित्रता, नैतिकता और आत्मकल्याण का संदेश देने वाली आध्यात्मिक यात्रा होती है।
इस आयोजन के माध्यम से समाज में अहिंसा, सत्य, संयम और शांति के मूल्य पुनः स्थापित होते हैं। यही कारण है कि ऐसे आयोजनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं।
सागर शहर में उत्साह का माहौल
सागर शहर में इस आयोजन को लेकर खूब उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय जैन समाज के साथ-साथ अन्य धर्मावलंबियों में भी आयोजन के प्रति श्रद्धा और जिज्ञासा का वातावरण है। होटल, धर्मशालाओं और आसपास के क्षेत्रों में भी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजन से प्रदेश को मिलेगा आध्यात्मिक संदेश
आयोजन समिति के अनुसार पंचकल्याणक महोत्सव न केवल जैन समुदाय के लिए बल्कि संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित यह आयोजन सामाजिक समरसता, सद्भाव और अध्यात्म की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश देने वाला होगा।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ाएगी। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से इस पावन महोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

