Sanatan Hindu Ekta Padayatra का 9वां दिन: Jaya Kishori हुईं शामिल, आज अखबरपुर में पड़ाव | Bageshwar Dham News
सनातन परंपरा के संरक्षण और हिंदू एकता को समर्पित सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 लगातार चर्चा में बनी हुई है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा निकाली गई यह 10 दिवसीय पदयात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस यात्रा के 9वें दिन कथावाचक जया किशोरी ने विशेष रूप से पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिसके बाद यात्रा में उत्साह का माहौल और बढ़ गया।
Jaya Kishori Reached Sanatan Hindu Ekta Padayatra 2.0: जनता में दिखा उत्साह
शनिवार को मथुरा में पहुंची पदयात्रा में जब प्रसिद्ध कथावाचक और भजन गायक जया किशोरी (Jaya Kishori) पहुंचीं, तो भक्तों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
पदयात्रा में उनके शामिल होने से यह कार्यक्रम और अधिक चर्चाओं में आ गया है।
जया किशोरी के साथ-साथ कई प्रसिद्ध संत और कथावाचक भी इस पदयात्रा में जुड़े, जिनमें प्रमुख रूप से—
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देवकीनंदन ठाकुर,
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चिन्मयानंद बापू,
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तथा अन्य कई साधु-संत और धार्मिक विद्वान शामिल रहे।
उनकी उपस्थिति से हजारों की संख्या में आए लोगों ने धार्मिक उत्साह और एकता का अद्भुत संगम देखा।
Dhirendra Shastri की पदयात्रा का 9वां दिन
बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा शुरू की गई इस पदयात्रा का आज 9वां दिन है।
यह यात्रा दिल्ली के छतरपुर स्थित कात्यायनी माता मंदिर से शुरू होकर आगे बढ़ रही है और अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है।
यात्रा का उद्देश्य—
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सनातन धर्म की एकता को मज़बूत करना,
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हिंदू समाज को संगठित संदेश देना,
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तथा समाज में धार्मिक जागरूकता फैलाना बताया जा रहा है।
इस 10 दिवसीय पदयात्रा में हर दिन हजारों लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जिसमें महिलाएं, बच्चे, युवाएं, साधु-संत और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
आज का पड़ाव: मथुरा के अखबरपुर में रुकी पदयात्रा
9वें दिन की यात्रा के लिए पदयात्रा का पड़ाव मथुरा के अखबरपुर स्थित एस के एस कॉलेज के सामने निर्धारित है।
यहां संत समुदाय और भक्तगणों ने यात्रा दल का स्वागत किया।
आगे यात्रा जैंत के राधा गोविंद जी मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी, जहां धार्मिक कार्यक्रम और भजन कीर्तन भी होने की संभावना है।
16 नवंबर को वृंदावन में होगा भव्य समापन
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 का अंतिम और भव्य समापन 16 नवंबर 2025 को वृंदावन में होगा।
वृंदावन के कई प्रमुख मंदिरों में इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
धीरेंद्र शास्त्री यहां विशाल सभा को संबोधित करेंगे और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
Sanatan Hindu Ekta Padayatra 2.0: क्यों है खास?
इस यात्रा को लेकर देशभर में चर्चा का कारण कई पहलू हैं—
1. पंडित धीरेंद्र शास्त्री का नेतृत्व
धीरेंद्र शास्त्री युवाओं में लोकप्रिय और प्रभावशाली कथावाचक हैं। उनके नेतृत्व में यह यात्रा विशाल जनसमूह को आकर्षित कर रही है।
2. जया किशोरी की उपस्थिति
“किशोरी जी” के नाम से प्रसिद्ध जया किशोरी जहां भी जाती हैं, उनके लाखों अनुयायी उनके कार्यक्रमों से जुड़ते हैं।
उनका इस पदयात्रा में शामिल होना बड़ा आकर्षण बना।
3. कई प्रसिद्ध संतों का सम्मिलन
देवकीनंदन ठाकुर, चिन्मयानंद बापू जैसे बड़े नामों का जुड़ना यात्रा की धार्मिक प्रतिष्ठा बढ़ा रहा है।
4. हिंदू एकता का संदेश
यह यात्रा सनातन धर्म के संरक्षण और सामुदायिक एकजुटता का शक्तिशाली संदेश दे रही है।
सोशल मीडिया पर छा गई पदयात्रा – #JayaKishori और #SanatanHinduEktaPadayatra ट्रेंड में
जैसे ही जया किशोरी पदयात्रा में पहुंचीं, सोशल मीडिया पर उनके नाम से जुड़े कई वीडियो और फ़ोटो वायरल होने लगे।
Twitter, Instagram, Facebook पर #JayaKishori, #DhirendraShastri,
#SanatanHinduEktaPadayatra ट्रेंड करने लगे।
निष्कर्ष
मथुरा में आज पदयात्रा का 9वां दिन बेहद शानदार रहा।
Jaya Kishori की उपस्थिति ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया है।
16 नवंबर को वृंदावन में होने वाला भव्य समापन धार्मिक जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होने जा रहा है।
