देश की राजधानी में हुए बम ब्लास्ट के बाद अब देश के सवेदनशील राज्य जम्मू कश्मीर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ये घटना है श्रीनगर की जहां नौगाम थाना क्षेत्र में भीषण धमाका हुआ, इस हादसे ने पूरे देश को दहला दिया है। बताया जा रहा है की इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य घायल हुए हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले प्रदेश में फिर से एक दुखद घटना सामने आई है। श्रीनगर के नौगाम थाना क्षेत्र में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्फोट उस समय हुआ जब ‘व्हाइट-कॉलर’ अथवा फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े मामले में भारी मात्रा में विस्फोटकों जब्त किया गया।
ये घटना शुक्रवार देर रात की है, इसमें पुलिस विभाग और फोरेंसिक टीम के कई सदस्य चपेट में आ गए। घायलों को श्रीनगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, वहीं मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

हरियाणा से आया था विस्फोटक
बताया जा रहा है कि यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से जांच के लिए श्रीनगर लाया गया था। धमाका इतना तेज था कि मिलो दूर तक इसकी गूंज सुनाई दी , इससे पुलिस स्टेशन की इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा। लगातार छोटे-छोटे ब्लास्ट होते रहने के कारण बचाव दलों और बम निरोधक दस्तों को मौके पर पहुंचने में काफी कठिनाई हुई। अधिकारियों ने बताया कि 24 पुलिसकर्मी और तीन नागरिक इस हादसे में घायल हुए हैं।
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल की कहानी अक्टूबर के मध्य में शुरू हुई थी, जब नौगाम के बुनपोरा क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी देने वाले पोस्टर लगाए गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच टीम बनाई थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच से आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद इन तीनो आरोपियों की पहचान हुई। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने शोपियां के मौलवी इरफान अहमद का नाम उजागर किया, जिसने कथित तौर पर डॉक्टरों को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाया था।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की टीम फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची, जहां से डॉक्टर मुज़म्मिल गनाई और डॉक्टर शहीन सईद को गिरफ्तार किया गया। यहां से अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी खतरनाक रसायन बड़ी मात्रा में बरामद हुए।
