जावरा (निप्र)। गुरु-भक्ति, समर्पण और सहजता का भाव जब एक ही स्थान पर एकत्रित होते हैं तो वातावरण स्वयं आध्यात्मिकता से सराबोर हो उठता है। ऐसा ही भावपूर्ण और प्रेरक दृश्य जावरा में उस समय देखने को मिला, जब अखिल भारतीय जैन दिवाकर संगठन समिति के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आई.एम. सेठिया के प्रथम आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। गुरुभक्तों ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ अध्यक्ष सेठिया का स्वागत किया, वह जैन समाज की एकता, अनुशासन और गुरु-परंपरा के प्रति समर्पण का उज्ज्वल प्रतीक रहा।
सेठिया के आगमन पर आयोजित स्वागत समारोह में समाजजनों ने शाल, माला और अभिनंदन पत्र भेंट कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील बम (लाला भय्या) तथा पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सिद्धराज संघवी का भी हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति के इन वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संगठन के विस्तार, सेवा भावना और युवा शक्ति को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने इनके योगदान को याद करते हुए आभार भी व्यक्त किया।
जैन कॉन्फ्रेंस आत्म-ध्यान योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गुरु संदीप रांका तथा जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक शेखर नाहर ने पुष्पमालाएं अर्पित कर सभी विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया। रांका ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब उसमें सद्भाव, सहयोग और गुरु-परंपरा के प्रति अटल विश्वास बना रहे। उन्होंने नए अध्यक्ष सेठिया के नेतृत्व को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि श्री आई.एम. सेठिया के निर्देशन में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा और पूरे देश में जैन समाज की सेवा, शिक्षा, अध्यात्म और युवा सशक्तिकरण के लिए नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि गुरुओं के मार्गदर्शन और समर्पित सदस्यों की शक्ति के साथ संगठन का भविष्य उज्ज्वल और प्रभावशाली है।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने संगठन की भावी योजनाओं, सामाजिक कार्यक्रमों और आगामी आध्यात्मिक आयोजनों में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प भी लिया। जावरा में आयोजित यह स्वागत कार्यक्रम न केवल सम्मान का भाव था, बल्कि जैन समाज की एकता और समर्पण की अद्भुत मिसाल भी रहा।
