चारा उत्पादन में झांझाखेड़ी एफपीओ की बड़ी सफलता: उज्जैन के CEO ने की सराहना, साइलेंज यूनिट बना प्रदेश का रोल मॉडल
फोकस कीवर्ड्स: झांझाखेड़ी FPO, चारा उत्पादन, साइलेंज निर्माण, उज्जैन जिला पंचायत CEO निरीक्षण, Grasim-NABARD परियोजना, किसान उत्पादक संगठन, साइलेंज यूनिट, कृषि नवाचार केंद्र, पशुपालन में नवाचार
नागदा जं. (निप्र) — उज्जैन जिले के नागदा जंक्शन क्षेत्र में Grasim, NABARD और BAIF Livelihoods के संयुक्त सहयोग से संचालित झांझाखेड़ी किसान उत्पादक संगठन (FPO) ने एक बार फिर अपने नवाचारी कार्यों से किसानों के बीच नई पहचान स्थापित की है। मंगलवार का दिन इस संगठन के लिए विशेष रहा, जब जिला पंचायत उज्जैन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रेयांश कुमट और उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉ. के. सीरवानी ने एफपीओ की विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत मैदानी निरीक्षण किया।
अधिकारियों के आगमन पर एफपीओ के पदाधिकारियों, सदस्यों और किसान समुदाय ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। पूरा परिसर एक सकारात्मक और ऊर्जा से भरे माहौल में दिखाई दिया।
कृषि नवाचार केंद्र: ग्रामीण विकास का मजबूत आधार
निरीक्षण की शुरुआत झांझाखेड़ी FPO द्वारा संचालित कृषि नवाचार केंद्र से हुई। अधिकारियों ने इस केंद्र में उपलब्ध ग्रामीण उत्पादों, प्रोसेस्ड सामग्री, किसानों की सहभागिता और उत्पादन-प्रसंस्करण से संबंधित सभी पहलुओं की बारीकी से जानकारी ली।
CEO श्रेयांश कुमट ने इस मॉडल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा—
“ग्राम स्तर पर ऐसे कृषि नवाचार केंद्र किसानों की आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे केंद्रों से न केवल कौशल विकास बढ़ता है बल्कि स्थानीय संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग द्वारा किसानों की आमदनी भी बढ़ती है।
साइलेंज उत्पादन इकाई: जिले के लिए आदर्श मॉडल
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक हिस्सा रहा एफपीओ की साइलेंज निर्माण इकाई का अवलोकन। यह अत्याधुनिक यूनिट झांझाखेड़ी FPO के सबसे सफल और चर्चित प्रोजेक्ट्स में से एक है।
अधिकारियों ने साइलेंज बनाने की मशीनरी, उत्पादन प्रक्रिया, लागत, गुणवत्ता और बाजार की बढ़ती मांग का विश्लेषण किया।
CEO ने इस पहल को अत्यधिक उपयोगी बताते हुए कहा—
“झांझाखेड़ी FPO की साइलेंज यूनिट जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक रोल मॉडल है। उच्च गुणवत्ता वाले साइलेंज की उपलब्धता से पशुपालकों को बड़ी राहत मिल रही है। इसे अन्य ब्लॉकों में भी बढ़ाया जाना चाहिए।”
साइलेंज उत्पादन ने क्षेत्र में चारा संकट को काफी हद तक दूर किया है। सुरक्षित भंडारण, लंबी शेल्फ लाइफ और पोषक तत्वों से भरपूर यह साइलेंज अब किसानों और गौशालाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी: बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को कई महत्वपूर्ण और लाभकारी सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें शामिल थे—
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‘मां के नाम से एक बगीचा’ योजना
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चारा आपूर्ति योजनाएं
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गौशाला समर्थन कार्यक्रम
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कृषि-आधारित प्रशिक्षण और अनुदान योजनाएं
किसानों ने भी उत्साहपूर्वक अपने सुझाव, समस्याएं और भविष्य की आवश्यकताओं को साझा किया। अधिकारियों ने हर मुद्दे को गंभीरता से सुना और उचित समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रेसिम गौकुल गौशाला: एफपीओ का सप्लाई मॉडल प्रशंसनीय
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रेयांश कुमट और डॉ. सीरवानी ने ग्रेसिम गौकुल गौशाला का भी दौरा किया, जहां झांझाखेड़ी FPO द्वारा प्रतिदिन सप्लाई किए जा रहे हरे चारे की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
अधिकारियों ने सप्लाई मॉडल की पारदर्शिता और निरंतरता की प्रशंसा करते हुए कहा—
“एफपीओ का यह मॉडल जिले की अन्य गौशालाओं के लिए आदर्श है। ऐसे प्रयासों से गौशालाओं में चारा उपलब्धता स्थिर रहती है और लागत भी कम होती है।”
एफपीओ की पारदर्शिता और नेतृत्व क्षमता पर विशेष सराहना
निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने एफपीओ की पारदर्शिता, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक दृष्टिकोण की खुलकर प्रशंसा की।
CEO ने कहा—
“किसान उत्पादक संगठन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे संगठनों के माध्यम से न केवल गुणवत्ता उत्पादन बढ़ता है, बल्कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि भी सुनिश्चित होती है।”
झांझाखेड़ी FPO अपने संगठित प्रयासों, आधुनिक तकनीक, प्रबंधन की दक्षता और किसानों की सक्रिय भागीदारी के कारण पूरे जिले में नवाचार और सफलता का प्रतीक बन चुका है।
कार्यक्रम में उपस्थिति
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ग्रेसिम से: जीवन पोरवाल, अरविंद सिंह सिकरवार, डॉ. पी.सी. यादव
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BAIF टीम से: शुभम ढुंढेले, राहुल अड़लक, रामबाबू राठौर, एल.एस. राजपूत, रवींद्र पाटीदार, ग्रेसी गुंजाल, कमला लोधी, शानू कंसोटिया
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FPO की ओर से: अध्यक्ष विक्रमसिंह आंजना, उपाध्यक्ष शोभाराम गुर्जर, CEO सूरज प्रताप सिंह और अनेक सदस्य किसान उपस्थित रहे।
दिनांक: 14/11/2025
प्रेषक: शुभम
मो.: 8770861947
संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा

